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बर्मन मांझी केवट समाज उमरियापान द्वारा निकाली गई रैली, भगवान श्रीराम सखा गुहाराज निषादराज जयंती के उपलक्ष्य में झांकियां बनी शोभा का केंद्र

 बर्मन मांझी केवट समाज उमरियापान द्वारा निकाली गई रैली, भगवान श्रीराम सखा गुहाराज निषादराज जयंती के उपलक्ष्य में झांकियां बनी शोभा का केंद्र



ढीमरखेड़ा |  भगवान श्रीराम के परम मित्र गुहाराज निषादराज की जयंती के अवसर पर उमरियापान में बर्मन मांझी केवट समाज द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली समाज के एकता, सम्मान और संस्कृति को दर्शाने का एक भव्य अवसर बनी। सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग इस आयोजन में शामिल हुए और भव्य झांकियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

*रैली की भव्यता और आयोजन*

उमरियापान में निकाली गई यह रैली पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। भगवान श्रीराम और निषादराज गुहाराज के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करने के लिए विभिन्न झांकियां सजाई गई थीं। इन झांकियों ने न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाया बल्कि समाज की सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर किया।

 *भव्य झांकियों की प्रस्तुति*

रैली में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और निषादराज गुहाराज की जीवंत झांकी बनाई गई। इस झांकी ने अयोध्या से वनवास जाते समय गंगा पार कराने वाले उस ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत कर दिया, जब निषादराज ने अपने मित्र श्रीराम की सहायता की थी।

 *समाज की एकता का प्रदर्शन*

बर्मन मांझी केवट समाज के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस रैली में पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र में यह आयोजन भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

 *धार्मिक एवं सामाजिक संदेश*

रैली के दौरान वक्ताओं ने भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता को समाज में समरसता और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि निषादराज गुहाराज ने बिना किसी भेदभाव के श्रीराम की सेवा की थी, यह प्रसंग हमें समाज में समानता और प्रेम का संदेश देता है।

*संस्कृति और परंपरा का उत्सव,लोकगीत और नृत्य की झलक*

इस अवसर पर निषाद समाज की सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न लोकगीतों और नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। परंपरागत गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

 *समाज के वरिष्ठ जनों का सम्मान*

रैली के दौरान समाज के वरिष्ठ जनों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने निषादराज के योगदान को याद करते हुए समाज के युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने की सलाह दी।

*सुरक्षा को लेकर किए गए थे कड़े इंतजाम*

इस आयोजन के माध्यम से समाज के लोगों ने निषादराज के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, प्रेम और सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास पर बल देते हुए कहा कि यदि हम अपने समाज को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा और एकता को प्राथमिकता देनी होगी। भगवान श्रीराम के सखा निषादराज गुहाराज की जयंती के अवसर पर उमरियापान में निकाली गई यह रैली एक ऐतिहासिक आयोजन बन गई। इस रैली ने समाज के लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा और निषादराज की शिक्षाओं को आत्मसात करने का अवसर प्रदान किया। समाज की एकता और गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली इस रैली ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा दिया।

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