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जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने तिलक लगाकर, बच्चों को स्कूल में कराया प्रवेश

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने तिलक लगाकर, बच्चों को स्कूल में कराया प्रवेश



ढीमरखेड़ा |  शिक्षा के प्रचार-प्रसार और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "स्कूल चले हम" अभियान के प्रथम दिवस, एक अप्रैल को, ढीमरखेड़ा जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर ग्राम मंगेली के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पहली के बच्चों का तिलक लगाकर एवं लड्डू खिलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी देवी सिंह राजपूत, ग्राम के गणमान्य नागरिक एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

*शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प*

शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और बच्चों को विद्यालय भेजने हेतु सरकार एवं समाजसेवियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। इस कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने बच्चों को पाठ्य पुस्तकें, पेन एवं अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की। विद्यालय में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी नियमित रूप से विद्यालय जाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे के साथ वरिष्ठ समाजसेवी देवी सिंह राजपूत, मोहन पटैल, ग्राम पंचायत सचिव अंकित पाण्डेय, जनशिक्षक जगन पटैल, सूर्यकान्त त्रिपाठी, बाला प्रसाद पटैल एवं पालक अभिभावकगण उपस्थित रहे।

*अतिथियों का सम्मान एवं योगदान*

विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विद्यालय में शैक्षिक वातावरण को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने माँ सरस्वती की प्रतिमा विद्यालय को भेंट की। इसके साथ ही समाजसेवी देवी सिंह राजपूत ने विद्यालय को 1000 रुपये की नगद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की, जिससे विद्यालय में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। यह योगदान शिक्षा के प्रति समाज की सहभागिता और समर्पण को दर्शाता है।

*"स्कूल चले हम" अभियान का महत्व*

"स्कूल चले हम" अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से जोड़ना है। इस अभियान के अंतर्गत सरकार, शिक्षण संस्थान और समाजसेवी मिलकर शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चों एवं अभिभावकों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ती है और नामांकन दर में सुधार होता है। जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने इस अवसर पर कहा, "शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जिससे समाज का विकास संभव है। हमारा प्रयास रहेगा कि हर बच्चा विद्यालय तक पहुंचे और शिक्षा प्राप्त करे।"

*अभिभावकों से अपील*

कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा केवल बच्चों के भविष्य को ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास को प्रभावित करती है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और शिक्षा को प्राथमिकता दें।

*जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का योगदान*

समाज में शिक्षा की अलख जगाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की भूमिका अहम होती है। इस कार्यक्रम में देवी सिंह राजपूत जैसे समाजसेवियों ने भी अपना योगदान दिया। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा को बढ़ावा देने में सहयोग करे, तो समाज में निरक्षरता को समाप्त किया जा सकता है।

*विद्यालय विकास हेतु नई योजनाएँ*

इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने जनपद अध्यक्ष एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को विद्यालय की आवश्यकताओं से अवगत कराया। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि विद्यालय के विकास हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और विद्यार्थियों को हरसंभव सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोत्साहित करें।

*शिक्षा के प्रति जागरूकता आवश्यक*

शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन बहुत जरूरी हैं। ऐसे कार्यक्रमों से अभिभावकों में शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न होती है और वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित होते हैं। "स्कूल चले हम" अभियान न केवल एक औपचारिक पहल है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे एवं अन्य समाजसेवियों का योगदान इस बात का प्रमाण है कि जब समाज और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो सकारात्मक बदलाव संभव होते हैं। शिक्षा ही सशक्त समाज की नींव रख सकती है और ऐसे प्रयासों से निश्चित रूप से बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा।

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