ढीमरखेड़ा में अग्निशमन दल की जरूरत और जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे की पहल, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने दिए निर्देश तत्काल उपलब्ध होना चाहिए अग्निशमन दल
ढीमरखेड़ा में अग्निशमन दल की जरूरत और जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे की पहल, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने दिए निर्देश तत्काल उपलब्ध होना चाहिए अग्निशमन दल
ढीमरखेड़ा | ढीमरखेड़ा क्षेत्र में लगातार आगजनी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खेतों में लगी फसलें, घरों में अचानक लगने वाली आग, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले अग्निकांड इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर समस्या बन चुके हैं। इन घटनाओं के मद्देनजर जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने इस समस्या के समाधान के लिए व्यक्तिगत रूप से पहल करते हुए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से मुलाकात की और अग्निशमन दल की तैनाती की मांग उठाई। उनकी इस सक्रियता से क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि अब आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
*तहसील ढीमरखेड़ा में आगजनी की घटनाओं की गंभीरता*
ढीमरखेड़ा एक ग्रामीण क्षेत्र है जहां मुख्य रूप से कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था है। यहां के किसानों की मेहनत से उगाई गई फसलें अक्सर आगजनी की चपेट में आकर नष्ट हो जाती हैं। गर्मी के मौसम में सूखे खेतों में आग तेजी से फैलती है और कई बार पूरा गांव इसकी चपेट में आ जाता है।
*सुनीता संतोष दुबे की सक्रिय पहल*
जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और तुरंत कलेक्टर से मुलाकात कर क्षेत्र में अग्निशमन दल उपलब्ध कराने की मांग रखी।
*कलेक्टर से मुलाकात और आश्वासन*
सुनीता संतोष दुबे की पहल पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया और आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन दल को शीघ्र तैनात करने का आश्वासन दिया। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय था क्योंकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।
*संजय पाठक की भूमिका*
इस मामले को संजय पाठक ने भी गंभीरता से लिया और उन्होंने कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को फोन कर आगजनी की घटनाओं पर ध्यान देने की अपील की। संजय पाठक की सक्रियता से यह स्पष्ट हुआ कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या का समाधान निकालने की इच्छाशक्ति मौजूद है।जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने क्षेत्र की जनता की एक बड़ी समस्या को गंभीरता से लेते हुए अग्निशमन दल की तैनाती की मांग उठाई, जो वास्तव में एक सराहनीय कदम है। संजय पाठक द्वारा भी इस मुद्दे पर कलेक्टर से बात करने से प्रशासन पर दबाव बना, जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज हो गई। ढीमरखेड़ा की जनता को अब उम्मीद है कि जल्द ही अग्निशमन दल की व्यवस्था हो जाएगी और आगजनी से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। सुनीता संतोष दुबे की यह पहल न केवल आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद करेगी, बल्कि यह दिखाती है कि यदि नेतृत्व सही हो तो कोई भी समस्या हल की जा सकती है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें