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इरफ़ान खान, उमरियापान के गरीबों और असहायों के मसीहा

 इरफ़ान खान, उमरियापान के गरीबों और असहायों के मसीहा



ढीमरखेड़ा |  मध्य प्रदेश के उमरियापान निवासी इरफ़ान खान, जो पूर्व में अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, आज न केवल अपने क्षेत्र में बल्कि पूरे जिले में अपनी दरियादिली और सामाजिक कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं। उनका व्यक्तित्व एक ऐसे नेता का है, जो राजनीति को सिर्फ सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि सेवा का मंच मानते हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों ने गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाई है, जिससे वे पूरे क्षेत्र में आदर और सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं।

*गरीबों और असहायों की मदद में अग्रणी*

इरफ़ान खान का जीवन समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा है। वे हर समय जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह आर्थिक सहायता हो, किसी गरीब के इलाज की व्यवस्था करना हो, या फिर किसी परिवार को भुखमरी से बचाना हो। वे न केवल अपनी ओर से सहायता करते हैं बल्कि अन्य संपन्न लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करते हैं कि वे अपने आस-पास जरूरतमंद लोगों का सहारा बनें। उनका मानना है कि समाज में असमानता को समाप्त करने के लिए एकता और सहयोग जरूरी है। उन्होंने कई ऐसे गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया, जिनके पास स्कूल की फीस भरने के पैसे नहीं थे। इसके अलावा, वे समाज में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्होंने कई गरीब मरीजों के इलाज के लिए धनराशि का प्रबंध किया और सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने में सहायता की।

*आपदा और संकट के समय निभाई अहम भूमिका*

इरफ़ान खान का सेवा भाव तब सबसे अधिक देखने को मिला जब क्षेत्र में कोई प्राकृतिक आपदा आई या किसी परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूटा। वे हमेशा संकट की घड़ी में लोगों की मदद के लिए आगे आए। चाहे बाढ़ हो, आग लगने की घटना हो, या फिर किसी गरीब परिवार को मकान निर्माण के लिए सहायता की जरूरत हो, इरफ़ान खान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने गरीबों और मजदूरों के लिए भोजन, राशन और दवाइयों की व्यवस्था की। उन्होंने जरूरतमंदों को मास्क, सैनिटाइज़र और आवश्यक दवाइयां वितरित कीं, ताकि वे इस महामारी से सुरक्षित रह सकें। लॉकडाउन के समय जब प्रवासी मजदूर अपने घर लौट रहे थे, तब इरफ़ान खान ने कई मजदूरों को भोजन और आश्रय देकर उनकी मदद की।

*एक अलग पहचान दोस्ती की मिसाल*

इरफ़ान खान की दोस्ती की पहचान पूरे क्षेत्र में एक मिसाल बनी हुई है। वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में खड़े रहते हैं और यही कारण है कि लोग उन्हें दिल से चाहते हैं। उनके व्यवहार में सच्चाई, ईमानदारी और अपनापन झलकता है, जिससे वे न केवल अपने दोस्तों में बल्कि पूरे समाज में सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। उनका मानना है कि दोस्ती केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे कर्मों से साबित करना चाहिए। वे किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के बिना सभी के साथ समान व्यवहार करते हैं। उनकी मित्रता राजनीति से ऊपर है, और वे हमेशा अपने दोस्तों के लिए किसी भी स्थिति में खड़े रहते हैं।

*हर विभाग में सम्मान की नजरों से देखे जाते हैं*

इरफ़ान खान का प्रभाव केवल आम जनता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षण संस्थानों के प्रमुख और अन्य सरकारी विभागों के लोग भी उनकी सेवा भावना और ईमानदारी के कायल हैं। वे हमेशा प्रशासन और जनता के बीच एक सेतु की भूमिका निभाते हैं, जिससे गरीबों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। सरकारी दफ्तरों में जब किसी गरीब व्यक्ति का काम फंस जाता है या उसे किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है, तब इरफ़ान खान उसकी मदद के लिए आगे आते हैं। वे अधिकारियों से मिलकर जनता की समस्याओं को हल करवाने का प्रयास करते हैं और जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक चैन से नहीं बैठते।

*राजनीति और समाज सेवा का समन्वय*

राजनीति में रहकर भी इरफ़ान खान ने कभी सामाजिक सेवा से समझौता नहीं किया। वे हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम करते रहे, चाहे वे किसी पद पर रहें या न रहें। उनके लिए राजनीति केवल सेवा का माध्यम है, न कि किसी पद या प्रतिष्ठा को हासिल करने का जरिया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई योजनाओं को धरातल पर उतारा और जनता को उनका लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने, किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए।

*समाज मे एक अलग स्थान बनाना हैं तो सेवा का भाव मन मे जगाना होगा*

इरफ़ान खान का सपना है कि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और सभी को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। वे आगे भी अपने सेवा कार्यों को जारी रखना चाहते हैं और समाज में बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे युवाओं को जागरूक कर उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी भी इसी भावना के साथ समाज के उत्थान में योगदान दे सके।उनका मानना है कि अगर हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे और जरूरतमंदों की सहायता करे, तो समाज में किसी को भी अभाव और पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ेगा। वे इस सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है और जरूरतमंदों की मदद करना ही सबसे बड़ी मानवता है। इरफ़ान खान न केवल एक नेता हैं, बल्कि वे समाज के असली नायक हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भाव से पूरे क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। वे समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर दिल में सच्ची सेवा भावना हो, तो कोई भी व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनका जीवन समाज सेवा और मानवता की उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जनता की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनके द्वारा किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक हैं और वे समाज में बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इरफ़ान खान की यह यात्रा हमें सिखाती है कि अगर इंसान ठान ले, तो वह दुनिया बदल सकता है।

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