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सबकी योजना, सबका विकास - जन योजना अभियान 2024 - 25 ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ढीमरखेड़ा मंगलभवन में चालू हैं प्रशिक्षण

 सबकी योजना, सबका विकास - जन योजना अभियान 2024 - 25 ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ढीमरखेड़ा मंगलभवन में चालू हैं प्रशिक्षण  ढीमरखेड़ा |  भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा "सबकी योजना, सबका विकास" के तहत जन योजना अभियान 2024-25 शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 की ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार की जानी है। इस अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपनी वार्षिक विकास कार्ययोजना निर्धारित समयसीमा (02 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025) के भीतर तैयार करनी होगी और उसे भारत सरकार के egramswaraj पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने हेतु ग्राम पंचायत प्लानिंग एवं फेसिलिटेशन टीम (GPPFT) का गठन किया गया है, जिसके प्रशिक्षण हेतु  एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में जनपद पंचायत स्तर पर नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स द्वारा क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में 3 से 4 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, और प्रत्येक ग्राम पंचायत से 6 प्रतिभागी इस प्रशिक्षण में भाग...

झिन्ना खदान को पुनः चालू करने के लिए मजदूर संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा गया, खदान को तत्काल चालू करने को लेकर मजदूर संघ ने उठाया कदम, ऐसा कौन सा कानून जिसमे आम जनता भूखी मरे, खदान को चालू होना चाहिए नहीं तो होगा उग्र - प्रदर्शन

 झिन्ना खदान को पुनः चालू करने के लिए मजदूर संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा गया, खदान को तत्काल चालू करने को लेकर मजदूर संघ ने उठाया कदम, ऐसा कौन सा कानून जिसमे आम जनता भूखी मरे, खदान को चालू होना चाहिए नहीं तो होगा उग्र - प्रदर्शन  ढीमरखेड़ा |  झिन्ना खदान को पुनः चालू करने के लिए मजदूर संघ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा एस.डी.एम. को सौंपे गए ज्ञापन ने क्षेत्र में गहरे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को उजागर किया है। इस ज्ञापन में न केवल श्रमिकों की पीड़ा का विवरण है, बल्कि इसके माध्यम से यह भी दर्शाया गया है कि इस खदान के बंद होने के कारण किस प्रकार स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। मजदूर संघ का यह कदम, जो कि स्थानीय श्रमिकों की बुरी हालत को देखते हुए उठाया गया है, बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल आर्थिक समस्याओं का समाधान हो सकता है, बल्कि इससे सामाजिक असमानताओं को भी दूर किया जा सकता है। झिन्ना पिपरिया स्थित खदान क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक स्रोत रही है, जिसमें हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी का सहारा था। यह खदान पहल...

हाइकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित अवधेश प्रसाद शुक्ला (कक्का बाबू) पंचतत्व में विलीन, कटनी के लिए तीन प्रमुख सुविधाएं रिट दायर कर दिलवाई - स्वार्थी शहर को उनकी याद भी न आई

 हाइकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित अवधेश प्रसाद शुक्ला (कक्का बाबू) पंचतत्व में विलीन, कटनी के लिए तीन प्रमुख सुविधाएं रिट दायर कर दिलवाई - स्वार्थी शहर को उनकी याद भी न आई कटनी ।  मूलतः उपनगरीय क्षेत्र छपरवाह के प्रतिष्ठित नागरिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं हाइकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित अवधेश प्रसाद शुक्ला (कक्का बाबू) का  29 जनवरी 2025, बुधवार(मौनी अमावस्या) की सुबह दुःखद हो गया। 97 वर्षीय कक्का बाबू पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे तथा चिकित्सकों की सलाह पर घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। अपने वक़ालत के पेशे के कारण वो काफी पहले छपरवाह छोड़कर जबलपुर के ब्यौहार बाग में रहने लगे थे। जबलपुर में रहने के बावजूद उनका कटनी से लगाव कम नहीं हुआ तथा वो लगातर कटनी के विकास के लिए प्रयास करते रहे। *मुड़वारा फुट ओवर ब्रिज रेलवे से बनवा लिया* मुड़वारा स्टेशन के पास फुट ओवर ब्रिज का निर्माण रेल्वे को उन्हीं के द्वारा हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका के कारण कराना पड़ा। *लकड़ी का समपार पुल*  एसीसी आयुध निर्माणी के बीच एक ...

जंगल में हर रोज सुबह होने पर, हिरण सोचता हैं कि मुझे शेर से तेज भागना है, और शेर हर रोज सुबह उठकर सोचता हैं कि मुझे हिरण से तेज भागना है, अगर में तेज नहीं भागा तो भूखा मारा जाऊँगा ! शेर हो या हिरण उससे कोई मतलब नही है, अगर आपको अच्छी जिंदगी जीनी है तो, हर रोज भागना पड़ेगा ! संघर्ष के बिना कुछ भी नहीं मिलता, किरण चाहे सूर्य की हों या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं

 जंगल में हर रोज सुबह होने पर, हिरण सोचता हैं कि मुझे शेर से तेज भागना है, और शेर हर रोज सुबह उठकर सोचता हैं कि मुझे हिरण से तेज भागना है, अगर में तेज नहीं भागा तो भूखा मारा जाऊँगा ! शेर हो या हिरण उससे कोई मतलब नही है, अगर आपको अच्छी जिंदगी जीनी है तो, हर रोज भागना पड़ेगा ! संघर्ष के बिना कुछ भी नहीं मिलता, किरण चाहे सूर्य की हों या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं ढीमरखेड़ा |  संघर्ष जीवन का एक अनिवार्य सत्य है, जिसे कोई भी नकार नहीं सकता। प्राकृतिक जगत से लेकर मानव सभ्यता के विकास तक, हर सफलता के पीछे अथक प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी छिपी होती है। जंगल में हर रोज़ एक हिरण उठकर यह सोचता है कि उसे शेर से तेज़ दौड़ना है, अन्यथा वह मारा जाएगा। वहीं, शेर को भी यह चिंता रहती है कि अगर वह हिरण से तेज़ नहीं दौड़ा तो उसे भूखा रहना पड़ेगा। यह उदाहरण हमें सिखाता है कि जीवन में चाहे कोई भी परिस्थिति हो, हमें हर रोज़ आगे बढ़ने के लिए संघर्ष करना ही पड़ता है। संघर्ष केवल अस्तित्व बचाने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का जरिया भी है। सफलता उन्हीं ...

पोड़ी कला बी छोटी काशी के नाम से मशहूर में बरसेगी भगवत कृपा, 03 तारीख को शोभा यात्रा मंडप प्रवेश , प्राचीन यज्ञ शाला भूमि पर 60 वे वर्ष में श्री विष्णु महायज्ञ एवं 18 पुराण का होगा आयोजन, पूरा क्षेत्र दिखेगा भक्ति के रस में मग्न

 पोड़ी कला बी छोटी काशी के नाम से मशहूर में बरसेगी भगवत कृपा, 03 तारीख को शोभा यात्रा मंडप प्रवेश , प्राचीन यज्ञ शाला भूमि पर 60 वे वर्ष में श्री विष्णु महायज्ञ एवं 18 पुराण का होगा आयोजन, पूरा क्षेत्र दिखेगा भक्ति के रस में मग्न  ढीमरखेड़ा | पोड़ी कला बी, जिसे "छोटी काशी" के नाम से जाना जाता है, इस समय एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 03 फरवरी 2025 से लेकर 10 फरवरी 2025 तक यहां एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्री विष्णु महायज्ञ एवं 18 पुराणों का आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय होगा। इस अवसर पर, यज्ञ सेवक शिब्बू महाराज और यज्ञाचार्य गणेश महाराज गर्ग जी के नेतृत्व में एक महाकुंभ की तरह धार्मिक अनुष्ठान होंगे, और श्री राजकुमार जी चौबे के मार्गदर्शन में इस आयोजन को पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ संपन्न किया जाएगा।इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य न केवल क्षेत्रवासियों की भलाई और कल्याण है, बल्कि यह एक विशाल धार्मिक आयोजन के रूप में समुदाय की एकता और सद्भाव को भी बढ़ावा देना है। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्...

शराब पीने वाला सिर्फ़ शराब नहीं पीता, माँ की ख़ुशी, पत्नी का सुकून, बच्चों के सपने और पिता की प्रतिष्ठा सब एक ही घूँट में पी जाता है, नशा शान बढाता है और नाश की ओर ले जाता है, नशा नाश का जड़ है भाई आज नहीं तो कल दुखदाई

 शराब पीने वाला सिर्फ़ शराब नहीं पीता, माँ की ख़ुशी, पत्नी का सुकून, बच्चों के सपने और पिता की प्रतिष्ठा सब एक ही घूँट में पी जाता है, नशा शान बढाता है और नाश की ओर ले जाता है, नशा नाश का जड़ है भाई आज नहीं तो कल दुखदाई ढीमरखेड़ा |  नशा समाज का ऐसा जहर है जो न केवल व्यक्ति को, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है। शराब, सिगरेट, तंबाकू, और अन्य मादक पदार्थों का सेवन केवल एक बुरी आदत नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की मानसिकता, भावनाओं और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है।नशे की लत में फंसा व्यक्ति अपने परिवार, रिश्तों, और सामाजिक प्रतिष्ठा को एक - एक कर खो देता है। यह समस्या आज के समय में केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है । माँ के लिए उसका बच्चा उसकी दुनिया होता है। जब वह देखती है कि उसका बेटा शराब या अन्य मादक पदार्थों के जाल में फंसा हुआ है, तो उसकी खुशी खत्म हो जाती है। माँ का प्यार, उसकी उम्मीदें, और उसका जीवन नशे की आग में जलकर राख हो जाता है। माँ अपने बच्चे को नशे के दलदल से निकालने के लिए हर संभव प...

जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा सभागार में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ, लाभ मिलते ही हितग्राहियों के खिले चेहरे, जो सुने जनता की आवाज वहीं हैं अधिकारी

 जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा सभागार में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ, लाभ मिलते ही हितग्राहियों के खिले चेहरे, जो सुने जनता की आवाज वहीं हैं अधिकारी  ढीमरखेड़ा |  मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) विंकी उइके सिंहमारे, जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी और जनपद सदस्य श्रीकांत पटैल के नेतृत्व में 16 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस आयोजन में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम का आयोजन ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत कार्यालय में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह अभियान सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक ह...

ज़मीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं, हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं, सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है, कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है, अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर, न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है

 ज़मीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं, हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं, सफ़र में मुश्किलें आएँ तो जुरअत और बढ़ती है, कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है, अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर, न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है ढीमरखेड़ा |  संघर्ष मानव जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। जब हम कठिनाइयों से गुजरते हैं, तो हमारा मनोबल टूट सकता है, और हम असफलता की भावना से घिर सकते हैं। लेकिन इन संघर्षों का महत्व समझना बेहद जरूरी है। यह वही संघर्ष है जो हमें मजबूत बनाता है और हमारी क्षमताओं को निखारता है। किसी भी महान व्यक्ति की कहानी देखें, उनकी सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी दास्तान होती है। जैसे सोने को आग में तपाया जाता है, वैसे ही जीवन के संघर्ष हमें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं। यह संघर्ष ही हमें सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी टिके रहना है। जब भी हम किसी समस्या का सामना करते हैं और उसे हल करते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। हम हर बार नए अनुभवों से समृद्ध होते हैं। यह अनुभव हमें आने वाले बड़े संकटों का स...

आन - बान - शान से लहराया तिरंगा, जिला पंचायत कार्यालय में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

 आन - बान - शान से लहराया तिरंगा, जिला पंचायत कार्यालय में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस कटनी |  76 वें गणतंत्र दिवस पर जिला पंचायत कार्यालय में जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा ने, हमारी आन-बान-शान और गौरव के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज को फहराया। राष्ट्रगान के गायन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संदेश का वाचन श्रीमती मेहरा ने किया। जिला पंचायत के सीईओ श्री शिशिर गेमावत और अन्य अधिकारियों कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित हुआ। इसके पूर्व  संविधान निर्माताओ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मेहरा एवं जिला पंचायत के सीईओ श्री गेमावत ने अधिकारियों कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। अधिकारियों कर्मचारियों में भी परस्पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ।  ध्वजारोहण कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ऋषिराज चढ़ार और कमलेश सैनी, सहायक परियोजना अधिकारी सुश्री विजयलक्ष्मी मरावी और मृगेंद्र सिंह, मीड...

ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान को उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित और दिया गया प्रशस्ति पत्र, ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान, उत्कृष्ट कार्य और अपराध नियंत्रण में नई मिसाल

 ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान को उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित और दिया गया प्रशस्ति पत्र,  ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान, उत्कृष्ट कार्य और अपराध नियंत्रण में नई मिसाल ढीमरखेड़ा |  ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान का नाम क्षेत्र में कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और समाजसेवा के लिए जाना जाता है। हाल ही में उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें मध्य प्रदेश के शिक्षा और परिवहन मंत्री तथा कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव, और पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके कार्यक्षेत्र की सफलता को दर्शाती है, बल्कि उनके नेतृत्व और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। मोहम्मद शाहिद खान ने ढीमरखेड़ा थाने का प्रभार संभालने के बाद से ही अपराधों पर लगाम लगाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए उनका मनोबल तोड़ा । उनके कार...

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ढीमरखेड़ा विंकी उइके सिंहमारे के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना, बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य के चलते दिया गया प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार

 अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ढीमरखेड़ा विंकी उइके सिंहमारे के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना, बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य के चलते दिया गया प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार  ढीमरखेड़ा |  ढीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) विंकी उइके सिंहमारे को मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री, कटनी जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के द्वारा प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य और फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 में सर्वाधिक नाम जोड़ने के लिए प्रदान किया गया। एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित किया है और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया है, वह प्रेरणादायक है। *बाढ़ राहत में उत्कृष्ट कार्य* ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ ने कई गांवों और परिवारों को प्रभावित किया। इस आपदा के दौरान, एसडीएम विंकी उइके सिंहमारे ने अपनी नेतृत्व क्षमता और मानवीय दृष्टिको...

26 जनवरी 2025 गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटवारी अशोक सिंह बागरी को दिया गया पुरस्कार, कटनी जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने पटवारी अशोक सिंह बागरी को राजस्व महाअभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित , राजस्व महाअभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए पटवारी अशोक सिंह बागरी का सम्मान

 26 जनवरी 2025 गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटवारी अशोक सिंह बागरी को दिया गया पुरस्कार, कटनी जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने पटवारी अशोक सिंह बागरी को राजस्व महाअभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित , राजस्व महाअभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए पटवारी अशोक सिंह बागरी का सम्मान ढीमरखेड़ा |  26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के कटनी जिले में भी भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने तहसील ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले पटवारी अशोक सिंह बागरी को राजस्व महाअभियान के तहत उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। पटवारी अशोक सिंह बागरी की इस उपलब्धि से न केवल राजस्व विभाग में बल्कि पूरे जिले में गर्व का माहौल बन गया। *राजस्व महाअभियान की पृष्ठभूमि* मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व महाअभियान शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र और सटीक निपटारा करना था। इस महाअभियान का मकसद न केवल राजस्व से जुड़े विव...

रामपुर में वन रक्षक के पद पर पदस्थ अभिषेक शुक्ला को उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित, जो अपने कार्यों के लिए होता हैं समर्पित वहीं होता हैं सम्मानित, पद की गरिमा नहीं होती जो पद में रहकर कार्य की गरिमा बनाएं वहीं हैं कर्मचारी

 रामपुर में वन रक्षक के पद पर पदस्थ अभिषेक शुक्ला को उत्कृष्ट कार्य के चलते किया गया सम्मानित, जो अपने कार्यों के लिए होता हैं समर्पित वहीं होता हैं सम्मानित, पद की गरिमा नहीं होती जो पद में रहकर कार्य की गरिमा बनाएं वहीं हैं कर्मचारी  ढीमरखेड़ा |  2025 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर, मध्यप्रदेश राज्य वन निगम, वन मण्डल कुण्डम परियोजना, जबलपुर द्वारा एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वन सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए वन रक्षक अभिषेक शुक्ला को सम्मानित किया गया। इस सम्मान में उन्हें प्रशस्ति पत्र और ₹20,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। अभिषेक शुक्ला का यह सम्मान उनके वन सुरक्षा, अवैध कटाई रोकने और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए गए अभूतपूर्व प्रयासों के कारण दिया गया। इस समारोह में वन विभाग के प्रमुख अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। अभिषेक शुक्ला का कार्य ना केवल वन विभाग के लिए, बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने स्थानीय समुदाय में भी एक नई जागरूकता उत्पन्न की है, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण...

अवैध खनन-बेजा वसूली- कोयला गबन की शिकायतों ने दरोगा को कराया लाईन हाजिर, जबलपुर के उच्चाधिकारियों तक शिकायतें पहुंची तो कार्यवाही हुई अभिषेक चौबे पर

 अवैध खनन-बेजा वसूली- कोयला गबन की शिकायतों ने दरोगा को कराया लाईन हाजिर, जबलपुर के उच्चाधिकारियों तक शिकायतें पहुंची तो कार्यवाही हुई अभिषेक चौबे पर कटनी ।  कुठला पुलिस थाने को चौबीस घंटे मुनाफा कमाने वाली दुकान के रूप में कुछ वर्षों से चला रहे थाना प्रभारी अभिषेक चौबे की गागर झलक गई और डीआईजी जबलपुर ने उनकी वसूली की तथा थाने से जब्त कोयले की खुर्द-बुर्दगी की शिकायत पर उनकी जांच शुरू करा दी, फलत: एसपी को लाचार होना पड़ा कि चौबे जी को थाने से हटाकर पुलिस लाइन में अटैच कर देवें। गुरूवार को विवादित टीआई अभिषेक चौबे को लाईन हाजिर कर दिया गया है। पिछले दिनों दीपक सिह ने दरोगा चौबे के ऊपर बेहद शर्मनाक इल्जाम थोपते हुए डीआईजी अतुल सिंह के पास शिकायत की थी। यह मामला अवैध खनन पर प्रतिमाह लाखों की वसूली से जुड़ा था। आरोप था कि दरोगा चौबे ने तीन लाख रूपये उनसे वसूले और अधिक राशि की मांग की। उसके घर पर खड़ी जेसीबी मशीन, हाइवा को उठवाकर अवैध खनन का फर्जी केस दर्ज करवा दिया। शिकायत में बताया गया कि दरोगा जी के संरक्षण में एक दूसरा व्यक्ति मुरूम का अवैध खनन लंबे समय से कर रहा है। यह शिकायत ...

गणेश यादव प्रभारी प्राचार्य गोपालपुर को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की बहुत - बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई

 गणेश यादव प्रभारी प्राचार्य गोपालपुर को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की बहुत - बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई

26 जनवरी गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई

 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की बहुत - बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई 

अश्लीलता हमारी अपनी खोज हैं ईश्वर की नहीं, अगर ईश्वर की होती तो वह हमे कपड़े पहनाकर पैदा करता, इन तीन चेहरों पर ही सारा कुंभ खत्म कर दिया ,क्या तन की खूबसूरती ,आंखों की खूबसूरती एक उच्च शिक्षित व्यक्ति का बाबा बनना क्या यही कुंभ की महत्ता

 अश्लीलता हमारी अपनी खोज हैं ईश्वर की नहीं, अगर ईश्वर की होती तो वह हमे कपड़े पहनाकर पैदा करता, इन तीन चेहरों पर ही सारा कुंभ खत्म कर दिया ,क्या तन की खूबसूरती ,आंखों की खूबसूरती एक उच्च शिक्षित व्यक्ति का बाबा बनना क्या यही कुंभ की महत्ता ढीमरखेड़ा | कुंभ मेला, जो भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रतीक है, एक ऐसी महाकुंभ यात्रा है जो हर 12 वर्ष में होती है। यह एक दिव्य अवसर है, जहाँ लाखों लोग एकत्रित होते हैं, अपनी आत्मा को शुद्ध करने और परमात्मा से मिलने के लिए। लेकिन हाल ही में, इस विशाल धार्मिक आयोजन का जो चित्र मीडिया ने प्रस्तुत किया है, वह न केवल अत्यधिक शोरगुल और विकृत है, बल्कि इसने कुंभ की असली महत्ता और उद्देश्य को भी नजरअंदाज किया है। मीडिया ने अश्लीलता और यौन आकर्षण को प्राथमिकता दी, जबकि कुंभ का वास्तविक उद्देश्य आत्म-ज्ञान, धार्मिक जागरूकता और ध्यान की ओर मार्गदर्शन करना था। कुंभ मेला एक सांस्कृतिक और धार्मिक घटना से कहीं अधिक है। यह आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है। भारतीय सनातन धर्म में, यह मान्यता है कि कुंभ में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष...

जिस देश मे नेता का बच्चा नेता बन जाता हों, उस देश मे गरीब का बच्चा गरीब बनना तय हैं, अधर्म पर मौन बनकर जो मात्र निहारे जाते हैं, भीष्म हो, द्रोण हो या हो कर्ण सब मारे जाते हैं

 जिस देश मे नेता का बच्चा नेता बन जाता हों, उस देश मे गरीब का बच्चा गरीब बनना तय हैं, अधर्म पर मौन बनकर जो मात्र निहारे जाते हैं, भीष्म हो, द्रोण हो या हो कर्ण सब मारे जाते हैं  ढीमरखेड़ा |  भारत में राजनीति में वंशवाद एक गंभीर समस्या बन चुकी है। यदि हम आज के परिदृश्य को देखें, तो अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दलों में नेता अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में स्थापित करने का प्रयास करते हैं। ऐसा लगता है कि राजनीति अब योग्यता और जनसेवा का माध्यम नहीं रही, बल्कि परिवार के सदस्यों को सत्ता तक पहुँचाने का साधन बन गई है। यह प्रवृत्ति देश के लोकतंत्र के लिए घातक है। गरीब और सामान्य परिवार से आने वाले युवा राजनीतिक क्षेत्र में संघर्ष करते हुए थक जाते हैं क्योंकि उनके पास धन, संसाधन, और परिवार का समर्थन नहीं होता। उनकी आवाज़ दबा दी जाती है, और वे केवल दर्शक बनकर रह जाते हैं। *गरीब के बच्चे के लिए बाधाएँ* गरीब के बच्चों के लिए अवसरों का अभाव ही उनकी प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण गरीब बच्चे बचपन से ही संघर्ष का सामना करते हैं...

टीबी की बीमारी को रोकने के लिए ढीमरखेड़ा क्षेत्र मे चारों तरफ़ चालू हैं जागरूकता अभियान, जागरूकता अभियान के तहत टीबी में लगाया जायेगा नियंत्रण, टीबी के नियंत्रण से तहसील ढीमरखेड़ा की जनता दिखेगी खुशहाल, बीमारियों से बचाव ज़रूरी छोटी सी बीमारी भी मौत के ले जाती हैं करीब

 टीबी की बीमारी को रोकने के लिए ढीमरखेड़ा क्षेत्र मे चारों तरफ़ चालू हैं जागरूकता अभियान, जागरूकता अभियान के तहत टीबी में लगाया जायेगा नियंत्रण, टीबी के नियंत्रण से तहसील ढीमरखेड़ा की जनता दिखेगी खुशहाल, बीमारियों से बचाव ज़रूरी छोटी सी बीमारी भी मौत के ले जाती हैं करीब  ढीमरखेड़ा |  टीबी, जिसे ट्यूबरकुलोसिस भी कहा जाता है, एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करती है। भारत जैसे विकासशील देशों में यह बीमारी लंबे समय से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए चुनौती बनी हुई है। इसे नियंत्रित करने के लिए जागरूकता और प्रभावी उपचार आवश्यक हैं। इसी दिशा में बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) बी. के. प्रसाद ने अपने क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। उनकी कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण ने क्षेत्र में टीबी नियंत्रण और जागरूकता अभियान को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। टीबी एक घातक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होती है। यह मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलती है। टीबी के लक्षण जैसे लंबे समय तक खांसी, वजन घटना, बुखार और थकावट अक्सर प्रारंभिक चरण में लोगों द्...

मृत्यु के बाद आत्मा दूसरे शरीर में चली जाती है आत्मा, ईश्वर का प्रतिबिंब है और ईश्वर के समान गुण रखती है, ईश्वर ने खुद शरीर रूपी घर दिया हैं मृत्यु के बाद घर (आत्मा) बदल दिया जाता हैं पर रहने वाला वही होता हैं

 मृत्यु के बाद आत्मा दूसरे शरीर में चली जाती है आत्मा, ईश्वर का प्रतिबिंब है और ईश्वर के समान गुण रखती है, ईश्वर ने खुद शरीर रूपी घर दिया हैं मृत्यु के बाद घर (आत्मा) बदल दिया जाता हैं पर रहने वाला वही होता हैं  ढीमरखेड़ा |  आत्मा को भारतीय ग्रंथों में "अहम् ब्रह्मास्मि" (मैं ब्रह्म हूँ) के सिद्धांत से जोड़ा गया है। इसका अर्थ यह है कि आत्मा और परमात्मा में कोई भिन्नता नहीं है। आत्मा अनंत, अजर-अमर, चेतन और ज्ञानस्वरूप है। इसे नष्ट नहीं किया जा सकता, जैसा कि भगवद्गीता में कहा गया है, "नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः। न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः।" (अध्याय 2, श्लोक 23) इस श्लोक का अर्थ है कि आत्मा को न तो शस्त्र काट सकते हैं, न आग जला सकती है, न जल गीला कर सकता है और न वायु सुखा सकती है। यह आत्मा ईश्वर का ही प्रतिबिंब है और उसके समान गुण रखती है, जैसे कि शुद्धता, प्रेम, करुणा और शांति। *आत्मा और शरीर का संबंध* ईश्वर ने आत्मा के लिए शरीर को एक साधन के रूप में प्रदान किया है। शरीर केवल एक "घर" है, जिसमें आत्मा निवास करती है। शरीर नश्वर है, जबक...

हकदार बदल दिए जाते हैं, किरदार बदल दिए जाते हैं, ये दुनिया है साहब,मन्नत पूरी न हो तो रिश्ते क्या भगवान बदल दिए जाते हैं, भाषा एक ऐसा वस्त्र है, जिसको यदि शालीनता से न पहना जाए तो संपूर्ण व्यक्तित्व निर्वस्त्र हो जाता है

 हकदार बदल दिए जाते हैं, किरदार बदल दिए जाते हैं, ये दुनिया है साहब,मन्नत पूरी न हो तो रिश्ते क्या भगवान बदल दिए जाते हैं, भाषा एक ऐसा वस्त्र है, जिसको यदि शालीनता से न पहना जाए तो संपूर्ण व्यक्तित्व निर्वस्त्र हो जाता है  ढीमरखेड़ा | शीर्षक पढ़कर दंग मत होना यह कहानी बयां कर रही हैं आज के समाज की ओर, यह वाक्य वास्तव में जीवन के गहरे और जटिल पहलुओं की ओर इशारा करता है।इसमें हक, रिश्तों, विश्वास, और भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला गया है, जो समाज में हमारे व्यक्तित्व और हमारी पहचान को स्थापित करते हैं। गौरतलब है कि समाज में अक्सर यह देखा जाता है कि किसी विशेष स्थिति में हम जिन लोगों को अपने हकदार मानते हैं, वे समय के साथ बदल जाते हैं। यह बदलाव कभी व्यक्तिगत कारणों से होता है तो कभी समाजिक दबाव या व्यवस्थागत बदलाव के कारण। जिन लोगों को हम पहले जीवन का हिस्सा मानते हैं, समय बीतने के साथ उनकी भूमिका बदल जाती है, और कुछ परिस्थितियों में उनका स्थान और अधिकार भी बदल सकते हैं। यह हकदार के बदलने की प्रक्रिया न केवल व्यक्तिगत जीवन में, बल्कि समाज, राजनीति, और परिवार में भी महत्वपूर्ण भूमिक...