बूथ अध्यक्ष विवेक रिंकू मिश्रा ने ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, विवेक रिंकू मिश्रा के राजनीति में बढ़ते कदम
बूथ अध्यक्ष विवेक रिंकू मिश्रा ने ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, विवेक रिंकू मिश्रा के राजनीति में बढ़ते कदम
ढीमरखेड़ा | भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन एक ऐसा प्रेरणास्रोत है, जो प्रत्येक भारतीय के हृदय में एक गहरी छाप छोड़ता है। उनकी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम "अटल हैं, हमारा लक्ष्य अटल है" न केवल उनकी स्मृति को संजोने का प्रयास था, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को पुनः जागृत करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर था। यह कार्यक्रम भारतीय राजनीति और समाज में अटल जी के अतुलनीय योगदान को समर्पित था। अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन संघर्ष, सेवा, और सफलता का प्रतीक रहा है। 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में जन्मे अटल जी ने भारत की राजनीति को न केवल एक नई दिशा दी, बल्कि उसमें मूल्यों, नैतिकता और विकास का अद्भुत समावेश किया।उनका कवि हृदय और प्रखर व्यक्तित्व हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। अटल जी ने अपनी शिक्षा विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) और कानपुर के डीएवी कॉलेज से प्राप्त की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया। अटल जी का राजनीतिक सफर भारतीय जनसंघ से शुरू हुआ और बाद में वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हुए । ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में अटल जी के योगदान और उनकी विचारधारा को गहराई से याद किया गया । कार्यक्रम में बूथ अध्यक्ष विवेक रिंकू मिश्रा, महामंत्री वीरेंद्र मेहरा, शैलेंद्र झारिया, पामू झारिया, सिक्कू बर्मन, बबू सोनी, गुड्डा झारिया, और आशिक झारिया जैसे प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अटल जी के जीवन और उनके विचारों को ग्रामीण जनता तक पहुँचाना और उन्हें प्रेरित करना था। सभा की शुरुआत अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उनकी कविताओं का पाठ किया गया, जिसमें उनकी प्रसिद्ध पंक्ति, "एक सूर्यास्त है, पर हर उगते सूरज के साथ नई शुरुआत होती है" ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को भी साझा किया गया।
*अटल जी के विचार और योगदान*
अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए एक प्रेरणा है। उनका विचार था कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करना है। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए, जो आज भी हमारे देश के लिए मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। 1998 में अटल जी ने भारत को विश्व के परमाणु शक्ति संपन्न देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया। पोखरण में किए गए सफल परमाणु परीक्षण ने पूरी दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। यह निर्णय उनकी दूरदर्शिता और साहस का प्रमाण है। ग्रामीण भारत के विकास के लिए अटल जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की, जिसने दूर-दराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा। अटल जी की सरकार ने भारत में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की, जिसने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति दी।कश्मीर समस्या के समाधान के लिए अटल जी ने "इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत" का नारा दिया।उनके प्रयासों ने कश्मीर में शांति स्थापना की दिशा में नई संभावनाएँ खोलीं। अटल जी ने शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में कई सुधार किए। उनके कार्यकाल में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी को नई ऊंचाइयाँ मिलीं।
*अटल जी की कविताएँ और साहित्यिक योगदान*
अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे। उनकी कविताएँ आज भी युवाओं और सभी वर्गों के लोगों को प्रेरित करती हैं। उनकी कविताएँ जैसे "हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए," और "झुके नहीं, रुके नहीं, तोड़े नहीं," संघर्ष और आत्मबल का प्रतीक हैं। सभा में उपस्थित वक्ताओं ने अटल जी के विचारों और योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की। विवेक रिंकू मिश्रा ने कहा कि, "अटल जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई।" महामंत्री वीरेंद्र मेहरा ने उनके प्रेरणादायक जीवन पर चर्चा करते हुए कहा, "अटल जी की कविताएँ और उनके विचार हमेशा हमें सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।" शैलेंद्र झारिया ने अटल जी के राजनीतिक साहस और उनकी निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा, "हम सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। यह कार्यक्रम न केवल अटल जी को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में उनके विचारों और योजनाओं को साझा करने का भी माध्यम था। उनके विचारों को युवाओं तक पहुँचाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य था।
*अटल अमर हैं जीवन में जो दिया सीख वह सबको सीखने लायक*
कार्यक्रम का समापन अटल जी की कविताओं के साथ हुआ, जिसमें उनके विचारों को आत्मसात करने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने यह प्रतिज्ञा की कि वे अटल जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और समाज के उत्थान के लिए कार्य करेंगे। ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक थी। यह कार्यक्रम न केवल उनकी स्मृति को संजोने का प्रयास था, बल्कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम था। अटल जी का जीवन और उनके विचार हमें सिखाते हैं कि सत्य, साहस, और सेवा के मार्ग पर चलते हुए कैसे राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। उनका जीवन एक दीप स्तंभ की तरह है, जो हमें सदा प्रेरित करता रहेगा। उनके द्वारा कही गई यह पंक्ति "छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता" हर भारतीय के लिए एक अमूल्य धरोहर है।
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