सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

घूसखोर लूटतंत्र और अधमरे जनप्रतिनिधित्व ने अन्याय-यातना का रचा इतिहास, पटाखा व्यापारियों के लायसेंस बहाल पर माल लेना है तो भटको - भोपाल, गगन से ऊंचे नामदार सांसद- मंत्री सभी कार्य कर सकते हैं, न्याय को छोड़कर

 घूसखोर लूटतंत्र और अधमरे जनप्रतिनिधित्व ने अन्याय-यातना का रचा इतिहास, पटाखा व्यापारियों के लायसेंस बहाल पर माल लेना है तो भटको - भोपाल, गगन से ऊंचे नामदार सांसद- मंत्री सभी कार्य कर सकते हैं, न्याय को छोड़कर 



ढीमरखेड़ा । माधवनगर के पटाखा बाजार को राजनेता और अफसरों ने फुटबाल बनाकर रख दिया है। उनके लाइसेंस तो जिला प्रशासन ने बहाल कर दिए लेकिन उनके जब्त पटाखों को नहीं छोड़ा है। जबकि लाइसेंस सस्पेंड होते ही जब्ती रिलीज हो जानी चाहिए। लेकिन अन्याय-मनमानी के नियम जब लोकतंत्र में हावी हों तो न्याय बेचारा तो उसी बिन्दु पर मर जाता है। जब्ती जिला प्रशासन ने बनाई और माल छोड़ेगा भोपाल स्थित भाजपा शासन। तो, व्यापारियों को फुटबाल बनाकर कटनी से राजधानी की लंबी किक जिले के नामदार भाजपा नेताओं द्वारा ठोंकी गई है। कटनी जिले के सांसद बीडी शर्मा का पालिटिकल पॉवर अरबो-खरबों किलोवाट का जग जाहिर है, लेकिन  संसदीय क्षेत्र की जनता को उनके पावर स्टेशन से टिमटिमाती रोशनी भी नसीब नहीं होती, यह बीडी भैया और जिला पालक मंत्री के लिए गर्व की बात है अथवा शर्म की, इसका निर्णय जनता स्वयं कर लेगी। भाजपा के जिला प्रशासन से लेकर भोपाल के शासन ने मिलकर माधवनगर के पटाखा बाजार को नष्ट करने वाला अन्यायपूर्ण फैसला उसी दिन लिया था जब उसने पटाखा बाजार के पास पेट्रोल पंप की स्थापना को घूस के सिद्धांत पर एनओसी दी थी। जहां पहले से पटाखा बाजार बसा है, वहां पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए एनओसी देना गैरकानूनी  प्रतिक्रिया थी। आज भाजपा शासन अपनी गैरकानूनी प्रक्रिया को कानूनी स्वरूप देने के लिए निर्णय ले रहा है कि-पेट्रोल पंप के पास पटाखा बाजार नहीं रहेगा। जिला प्रशासन ने व्यापारियों के लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर दिए और इस आधार पर उनकी करोड़ों रुपए की आतिशबाजी जब्त करके इमलिया स्थित एक गोदाम में रखवा दी। व्यापारियों ने अपने संवैधानिक अधिकारों के हनन के खिलाफ अनशन शुरू किया। विधायक संदीप जायसवाल ने कलेक्टर से आग्रह किया कि-नियमानुसार त्वरित निर्णय लेवें। कलेक्टर ने व्यापारियों के लाइसेंस बहाल कर दिए। यहां पर उन्हें जब्त आतिशबाजी व्यापार के लिए मिल जानी थी।  लेकिन भाजपा के ही सुपर पॉवर नेता ने अड़ंगा डाल दिया और प्रशासन कहता है कि-भोपाल (मंत्रालय) से जब्त माल छुड़वा लें, जिला प्रशासन के हाथों से बाहर है, जब्ती को रिलीज करना।

*सांसद सिर्फ पार्टी तक सीमित*

जिस दिन अनशन शुरू हुआ और जब लाइसेंस बहाल हुआ, संयोग से देव-दुर्लभ सांसद बीडी भैया के श्रीचरणों से जिले की धरती धन्य धन्य हो रही थी। इस धरती पर बसे पटाखा व्यापारी अन्याय से कराह रहे थे, उन्हें उम्मीद थी कि- देव दुर्लभ सांसद बीडी ही उनकी डूबती नैया के खेबनहार बनेंगे। दुर्भाग्य कि सांसद ने रत्ती भर ध्यान नहीं दिया, इसलिए दीपावली के बाद पटाखा व्यापारी अपनी रोजी-रोटी (व्यापार) की अन्यायपूर्ण मृत्यु का त्रयोदशी संस्कार करेंगे, सबके साथ सबका विकास के पथ पर अनुसरण करेंगे। नामवर नेताओं के अधकचरे जनप्रतिनिधित्व का साधुवाद करेंगे।

टिप्पणियाँ

popular post

पुलिस कर्मचारी अवध दुबे जीता जागता बब्बर शेर, जिसके चलते ही अनेकों अपराधी कांपते हैं, जहां - जहां पदस्थ रहे अवध दुबे अपराधियों को छोड़ा नहीं, किया ऐसी कार्यवाही कि आज भी याद करते हैं अपराधी अवध दुबे को

 पुलिस कर्मचारी अवध दुबे जीता जागता बब्बर शेर, जिसके चलते ही अनेकों अपराधी कांपते हैं, जहां - जहां पदस्थ रहे अवध दुबे अपराधियों को छोड़ा नहीं, किया ऐसी कार्यवाही कि आज भी याद करते हैं अपराधी अवध दुबे को  ढीमरखेड़ा | अवध दुबे, एक पुलिस कर्मचारी, अपने साहस, निष्ठा और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की है, जो कभी भी किसी भी तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं करते हैं। पुलिस बल में उनके कार्यों ने उन्हें एक अद्वितीय पहचान दिलाई है, और उनकी उपस्थिति मात्र से अपराधी थर-थर कांपने लगते हैं। अवध दुबे ने जिस भी थाने में अपनी सेवाएँ दी हैं, वहां अपराध की दर में न केवल गिरावट आई है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।अवध दुबे का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था, जहाँ से उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत की। बचपन से ही उनमें न्याय और ईमानदारी के प्रति एक विशेष प्रकार का झुकाव था। उन्होंने अपने स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद पुलिस सेवा में भर्ती होने का निर्णय लिया। उनके जीवन का यह फैसला उनके परिवार और समाज के प्रति उनके दायित्व को महसूस कर

ढीमरखेड़ा सरपंच फोरम ने डॉक्टर अजीत सिंह परिहार के स्थानांतरण निरस्त करने को लेकर कलेक्टर को लिखा पत्र, अपने नायक के पक्ष में सरपंच फ़ोरम

 ढीमरखेड़ा सरपंच फोरम ने डॉक्टर अजीत सिंह परिहार के स्थानांतरण निरस्त करने को लेकर कलेक्टर को लिखा पत्र, अपने नायक के पक्ष में सरपंच फ़ोरम ढीमरखेड़ा |  सरपंच फ़ोरम के अध्यक्ष महेश कुमार यादव, उपाध्यक्ष संकेत लोनी, सचिव दीनू सिंह ठाकुर एवं ढीमरखेड़ा जनपद के समस्त सरपंचों ने मिलकर कलेक्टर को पत्र प्रेषित किया, जिसमें डॉक्टर अजीत सिंह के स्थानांतरण को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। सरपंच फ़ोरम का मानना है कि डॉक्टर अजीत सिंह एक ईमानदार, जिम्मेदार और मिलनसार अधिकारी हैं जिन्होंने न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बरती है, बल्कि ग्रामीण जनता के साथ मिलकर उनकी समस्याओं को सुलझाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। फ़ोरम का कहना है कि डॉक्टर अजीत सिंह के स्थानांतरण से ढीमरखेड़ा क्षेत्र के विकास कार्यों में अवरोध पैदा हो सकता है, क्योंकि उन्होंने अनेक ऐसे प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की थी, जिन्हें पूरा करने में समय और प्रशासनिक अनुभव की आवश्यकता है। उनके स्थानांतरण से इन कार्यों की गति धीमी हो सकती है, और साथ ही, क्षेत्र की जनता को भी नुकसान हो सकता है, जो उनकी सेवाओं से काफी संतुष्ट थी। फ़ो

क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने जनपद ढीमरखेड़ा के एपीओ अजीत सिंह परिहार के स्थानांतरण को निरस्त करने को लेकर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला कटनी को लिखा पत्र , विधायक का पत्र नहीं विधायक के पत्र के रुप में भाजपा की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

 क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने जनपद ढीमरखेड़ा के एपीओ अजीत सिंह परिहार के स्थानांतरण को निरस्त करने को लेकर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला कटनी को लिखा पत्र , विधायक का पत्र नहीं विधायक के पत्र के रुप में भाजपा की प्रतिष्ठा लगी दांव पर ढीमरखेड़ा |  विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा अजीत सिंह परिहार, एपीओ (असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर) जनपद ढीमरखेड़ा के स्थानांतरण को निरस्त करने के लिए लिखा गया पत्र, क्षेत्रीय राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि अजीत सिंह परिहार का स्थानांतरण बिना किसी ठोस कारण के ढीमरखेड़ा से कर दिया गया है, जबकि उनकी कार्यप्रणाली अच्छी रही है और उन्हें क्षेत्र के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। इस संदर्भ में, विधायक ने जिला कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर यह मांग की है कि स्थानांतरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संबंध किसी भी क्षेत्र में प्रशासनिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। अजीत सिंह परिहार का स्थानांतरण