सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के जन्म दिवस पर बाइक रैली का आयोजन हुआ संपन्न

 वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के जन्म दिवस पर बाइक रैली का आयोजन हुआ संपन्न 



ढीमरखेड़ा | ढीमरखेड़ा तहसील में 16 अगस्त को वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के 193वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह आयोजन लोधी क्रांति सेना संगठन के बैनर तले हुआ, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न भागों से आए लोधी समाज के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रैली का आयोजन स्वामी ब्रह्मानंद जी के पग चिन्ह पर चलकर किया गया, जिसमें वीरांगना रानी अवंती बाई के चरणों में नमन करते हुए दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

*रैली की शुरुआत*

रैली की शुरुआत तहसील ढीमरखेड़ा से हुई, जहां सैकड़ों की संख्या में बाइक सवारों ने हिस्सा लिया। रैली ढीमरखेड़ा से प्रारंभ होकर देवरी, सनकुई, मुरवारी, और गनियारी जैसे स्थानों से होती हुई ग्राम दशरमन पहुंची। रैली में भाग लेने वाले लोग वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की वीरता और उनके योगदान को याद करते हुए उत्साहपूर्वक नारे लगा रहे थे।

*वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का महत्व*

रानी अवंती बाई लोधी का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1857 की क्रांति में उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ हथियार उठाए और अंतिम सांस तक संघर्ष करती रहीं। लोधी समाज के लिए वह गर्व और प्रेरणा की प्रतीक हैं। उनके जन्म दिवस पर इस प्रकार के आयोजनों से न केवल उनकी वीरता को श्रद्धांजलि दी जाती है, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया जाता है। 

*रैली में विशेष अतिथियों की उपस्थिति*

रैली के दौरान टीकमगढ़ जिला अध्यक्ष मुलायम सिंह लोधी, जिला टीकमगढ़ कार्यकारिणी अध्यक्ष नीरज सिंह लोधी, जबलपुर जिला अध्यक्ष भोला सिंह लोधी, और जबलपुर जिला कार्यकारिणी के सरदार सिंह लोधी की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा, कटनी जिले की लोधी क्रांति सेना संगठन के सदस्य और ढीमरखेड़ा तहसील के समस्त क्षेत्रवासी इस आयोजन में शामिल हुए। सभी ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

*रानी अवंती बाई लोधी के चरणों में नमन*

ग्राम दशरमन पहुंचकर रैली का समापन हुआ, जहां रानी अवंती बाई लोधी के चरणों में नमन करते हुए दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने वीरांगना रानी के शौर्य और बलिदान की गाथा को याद किया और समाज के लिए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एकजुटता और समाज में भाईचारे का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।

*नई कार्यकारिणी का गठन*

इस अवसर पर लोधी क्रांति सेना संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। यह नई कार्यकारिणी समाज के उत्थान और विकास के लिए कार्य करेगी। कार्यकारिणी के सदस्यों ने समाज की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया और वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के आदर्शों पर चलने की प्रतिज्ञा ली।

*समाज में एकता का संदेश*

रैली का उद्देश्य न केवल वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के जन्म दिवस को मनाना था, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और जागरूकता का संदेश भी प्रसारित करना था। लोधी समाज के लोगों ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी एकता का प्रदर्शन किया और समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे रानी अवंती बाई लोधी के आदर्शों पर चलकर समाज में बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में काम करने की योजना बनाई और समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने का वचन दिया। लिहाज़ा वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के 193 वें जन्म दिवस पर आयोजित बाइक रैली ने समाज में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। यह आयोजन लोधी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने उन्हें अपने गौरवशाली अतीत को याद करने और भविष्य के लिए नई योजनाएं बनाने का अवसर प्रदान किया।

टिप्पणियाँ

popular post

नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी

 नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी ढीमरखेड़ा |  उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में तीन बच्चियों के डूबने की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। यह हादसा रविवार की सुबह हुआ जब तीनों बच्चियां नहर में नहाने गई थीं। मृतक बच्चियों की पहचान सिद्धि पटेल (12 वर्ष, कक्षा आठवीं) एवं अंशिका पटेल (14 वर्ष, कक्षा नवमी) के रूप में हुई है, जबकि सिद्धि की छोटी बहन मानवी पटेल (8 वर्ष) अब भी लापता है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और प्रशासनिक अमला लगातार तीसरी बच्ची की तलाश में जुटा हुआ है।रविवार की सुबह परसवारा गांव की तीन बच्चियां उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में नहाने के लिए गई थीं। नहर का पानी गहरा होने के कारण तीनों बच्चियां उसमें डूबने लगीं। आस-पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तुरंत बचाया नहीं जा सका। कुछ देर बाद जब स्थानीय लोगों...

पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त, सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम

 पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त,  सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम  ढीमरखेड़ा |   "सच्चे प्रहरी, अडिग संकल्प, निर्भीक कर्म" इन शब्दों को अगर किसी एक व्यक्ति पर लागू किया जाए, तो वह हैं अवध भूषण दुबे। अपराध की दुनिया में जिनका नाम सुनते ही अपराधियों के दिल कांप उठते थे, आम जनता जिन्हें एक रक्षक के रूप में देखती थी, और जिनकी उपस्थिति मात्र से ही लोग सुरक्षित महसूस करते थे ऐसे थे ढीमरखेड़ा थाने के सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे। 01 मार्च 1982 को जब उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की सेवा में कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह व्यक्ति आने वाले चार दशकों तक अपने साहस, कर्तव्यपरायणता और निडरता के लिए बब्बर शेर के नाम से जाना जाएगा। 43 वर्षों से अधिक की सेवा के बाद, 31 मार्च 2025 को वे ढीमरखेड़ा थाने से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके किए गए कार्य और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। *अपराधियों के लिए काल "बब्बर शेर"* अपराध की दुनिया में कुछ प...

सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों

 सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों  ढीमरखेड़ा |  मुंबई जैसे बड़े महानगर में जीवन हमेशा व्यस्त और तेज़ गति से चलता है, लेकिन इसी बीच एक घटना घटी जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती किसी भी परिस्थिति में अपने दोस्त के लिए हर हद पार कर सकती है। सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी ने अपने दोस्त सौरभ मिश्रा के लिए जो किया, वह न सिर्फ दोस्ती की मिसाल बन गया, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानियत और प्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं। सौरभ मिश्रा मुंबई में थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जाता है कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी जान पर खतरा बन गया था। जैसे ही यह खबर सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के मुंबई जाने का फैसला किया। वह तुरंत हवाई जहाज से मुंबई रवाना हो गए, क्योंकि उनके लिए उनका दोस्त सबसे महत्वपूर...