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रामगोपाल तिवारी के ऊपर भानेंद्र तिवारी उर्फ सुननु एवं भोला तिवारी उर्फ अमित, आरती तिवारी के द्वारा चाकू और लाठी से मारपीट की गई जिसमें गहरे चोट के निशान आए हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरियापान से जबलपुर रेफर किया गया रामगोपाल तिवारी की स्थिति नाजुक ग्राम गोपालपुर का मामला

 रामगोपाल तिवारी के ऊपर भानेंद्र तिवारी उर्फ सुननु एवं भोला तिवारी उर्फ अमित, आरती तिवारी के द्वारा चाकू और लाठी से मारपीट की गई जिसमें गहरे चोट के निशान आए हैं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरियापान से जबलपुर रेफर किया गया रामगोपाल तिवारी की स्थिति नाजुक ग्राम गोपालपुर का मामला



ढीमरखेड़ा | रामगोपाल तिवारी के ऊपर हुए हमले का मामला ग्राम गोपालपुर का है, जहां उन्हें भानेंद्र तिवारी उर्फ सुननु और भोला तिवारी उर्फ अमित, और आरती तिवारी द्वारा चाकू और लाठी से गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस हमले में रामगोपाल तिवारी को गहरे चोट के निशान आए, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान ले जाया गया और वहां से जबलपुर रेफर किया गया। ग्राम गोपालपुर एक छोटा और शांतिपूर्ण गांव है, जहां लोग आमतौर पर अपने दैनिक जीवन में व्यस्त रहते हैं। हालांकि, हाल के दिनों में गांव में तनाव और विवादों की घटनाएं बढ़ी हैं। रामगोपाल तिवारी एक जाने-माने और सम्मानित व्यक्ति हैं, जो अपने सरल स्वभाव और मददगार प्रवृत्ति के लिए जाने जाते हैं। विदित हैं कि रामगोपाल

तिवारी खेत में बोनी कराने के लिए गए थे खेत गोपालपुर कलौनी से लगा हुआ है। नौकर को बुलाने जा रहे थे रास्ते से वही पर आरती तिवारी

का मकान है लिहाज़ा आरती तिवारी ने रामगोपाल

तिवारी के गमछा को खींचते हुए गले को कस दिया। गौरतलब हैं कि भोला तिवारी ने तलवार से वार किया सुन्नु तिवारी ने लाठी से जानलेवा हमला किया जिसके चलते बाएं पैर में घाव के निशान बन गए हैं। हमले के बाद, रामगोपाल तिवारी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान ले जाया गया। वहां के डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए, उन्हें तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और वे रामगोपाल तिवारी के जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इस हिंसक घटना की कड़ी निंदा की है और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गांव के लोग इस घटना से बेहद चिंतित और दुखी हैं। उन्होंने इस हिंसक कृत्य की निंदा की है और रामगोपाल तिवारी के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस और प्रशासन से हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक जागरूकता अभियान चलाकर हिंसा और विवादों के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। गांव में शांति और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। गांव के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। कानूनी शिक्षा के माध्यम से लोग हिंसा और विवादों से बच सकते हैं और अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।घटनाओं का प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए, गांव में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। रामगोपाल तिवारी के ऊपर हुए इस हमले ने ग्राम गोपालपुर को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे गांव को प्रभावित किया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, लेकिन उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया और सामुदायिक प्रयासों से स्थिति सुधरेगी। रामगोपाल तिवारी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए, यह आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाएं और अपराधियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए क्यूंकि अगर इनके ऊपर कार्यवाही नहीं की जाती तो आने वाले दिनों में इनके द्वारा और भी अपराधिक घटनाओ को अंजाम दिया जाएगा जिसके शिकार गांव के सीधे - साधे लोग होगे।

टिप्पणियाँ

  1. Police bhi mili hogi unse jo abhi tak giraftaari nhi hui u

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  2. पुलिस ने उससे पैसे लिए है और सिलोड़ी चौकी के सीता राम बागरी ने पैसे लेकर फुल सपोर्ट कर रहे है

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