सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

नगर पालिका सिहोरा के कर्मचारी ने कर दिया 13 लाख 50 हजार रूपए का खेला, नगर पालिका द्वारा कर्मचारी को सेवा से किया मुक्त, जांच शुरू

 नगर पालिका सिहोरा के कर्मचारी ने कर दिया 13 लाख 50 हजार रूपए का खेला,  नगर पालिका द्वारा कर्मचारी को सेवा से किया मुक्त, जांच शुरू



सिहोरा । सिहोरा नगर पालिका परिषद् में एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ने हितग्राहियों कों मिलने वाली शासन से  सहायता राशि पर जमकर खेला हुआ हैं। गुरुवार को नगर पालिका में आयोजित प्रेसिडेंट इन काउंसिल की मीटिंग में उस समय सन्नाटा पसर गया जब भारतीय जनता पार्टी के वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद ने नगर पालिका में पदस्थ कर्मचारी द्वारका कोरी पर मुख्यमंत्री संबल योजना अनुग्रह राशि वितरण पर हितग्राहियों को मिलने वाली राशि पर रकम लेने का आरोप लगाया गया। प्रेसिडेंट इन काउंसिल में पार्षद के लिखित आवेदन पर आनन-फानन में संबंधित लिपिक के खिलाफ कार्यवाही करने का प्रस्ताव पारित किया गया उसके खिलाफ लगाए आवेदन की जांच करने और जांच में सत्यता पाए जाने पर लिपिक के खिलाफ एफआईआर कराई जाने की बात भी सामने आई है।

*प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में आया मामला*

नगर पालिका अध्यक्ष संध्या दिलीप दुबे की अध्यक्षता सदस्य पार्षद गणों  की उपस्थिति में प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक चल रही थी बैठक के दौरान वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद जवाहर कोल ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में मुख्यमंत्री संबल योजना के पांच हितग्राहियों आश्रितों की मृत्यु हो गई थी संबंधित हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत अनुग्रह योजना का लाभ प्राप्त करने नगर पालिका कार्यालय में अपने-अपने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। योजना में मिलने वाली राशि पर नगर पालिका कर्मचारी ने हितग्राहियों से योजना का लाभ दिलाने में योजना में देय राशि में आधी राशि देने का सौदा किया सुरेंद्र ठाकुर को उसके पुत्र दुर्घटना में मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि चार लाख स्वीकृत की गई जिस पर कर्मचारी द्वारका कोरी ने उनसे एक लाख रुपए लिए वर्षा बर्मन को स्वीकृत दो लाख रुपए में से लिपिक ने 85 हजार रुपए लेने के आरोप लगाएं गए। वहीं मान बाई कोरी की सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रुपए की स्वीकृति मिली पुत्र होने के नाते कर्मचारी द्वारा पूरी राशि लिपिक कर्मचारी ने ले ली थी।

*5 हितग्राहियों से ले लिए 50-50 हजार तो 9 लाख 50 हजार रू का अलग खेल*

मुख्यमंत्री संबल योजना का हितग्राहियों को लाभ दिलाने के नाम पर 50- 50 हजार रू. नगर पालिका कर्मचारी द्वारा लिए गए तो वहीं एक हितग्राही से 1 लाख रू. और एक हितग्राही से 85 हजार रू. ले लेने का आरोप लगाया गया है, तो वहीं पीएमएफ पोर्टल पर वेलफेयर फांउडेशन के नाम पर 9 लाख 50 हजार रू. का खेल खेलने का भी मामला सामने आया हैं। इन हितग्राहियों के नाम आये सामने

मुख्यमंत्री संबल योजना पर नगर पालिका कर्मचारी द्वारा जिन हितग्राहियों के साथ खेल खेला गया है। उनमें सुरेंद्र ठाकुर पिता तेज सिंह, वर्षा बर्मन पिता भरोसे बर्मन, गुड्डी बाई कोल पति टिल्लू कोल , रज्जू कोल पिता झल्ला कोल एवं मान बाई कोरी पति दुलीचंद कोरी अन्य हितग्राही शामिल है, और इस नगर पालिका द्वारा किन किन हितग्राहियों को अपना शिकार बनाया गया है। यह जांच के बाद और उजागर होगा और इस कर्मचारी द्वारा किस किस कार्य के नाम पर हिग्राहियों से रकम ऐठ ली गई है। उसकी भी जांच की जाएगी तो और नए - नए खुलासे होगे।


*कर्मचारी द्वारका कोरी के सभी कार्यो की कराई जाए जांच तो होगे अनेक खुलासे*

सिहोरा के गणमान्य जनों ने नगर पालिका कर्मचारी द्वारका कोरी के द्वारा किए जा रहे मुख्यमंत्री संबल योजना के साथ साथ अनेक कार्यो की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग है। जिसमें अनेक मामले सामने आएगे और इस कर्मचारी के और काले कारनामों का खुलासा भी होगा।

*सीएमओं जय श्री चौहान ने दी मामले की पूरी जानकारी*

नगर पालिका सीएमओ जय श्री चौहान द्वारा जानकारी देते हुए बताया नगर पालिका कर्मचारी द्वारका कोरी की मिली शिकायतों पर जब प्रथम दृष्टया सामने आया कि द्वारका कोरी द्वारा मुख्यमंत्री संबल योजना के नाम पर एक हितग्राही से 1 लाख रूपये एक हितग्राही से 85 हजार रू. व 5 हितग्राहियों से अगल 50-50 हजार रू. लिए गए है। तो वहीं सुनहरा कल फांउडेशन के 9 लाख 50 हजार रू. का मामला सामने आया है। इस संपूर्ण मामले की जांच कराकर एफआईआर भी कराई जाएगी। अभी तत्काल कार्यवाही करते हुए कर्मचारी द्वारका कोरी को सेवा से मुक्त कर दिया गया हैं।

टिप्पणियाँ

popular post

नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी

 नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी ढीमरखेड़ा |  उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में तीन बच्चियों के डूबने की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। यह हादसा रविवार की सुबह हुआ जब तीनों बच्चियां नहर में नहाने गई थीं। मृतक बच्चियों की पहचान सिद्धि पटेल (12 वर्ष, कक्षा आठवीं) एवं अंशिका पटेल (14 वर्ष, कक्षा नवमी) के रूप में हुई है, जबकि सिद्धि की छोटी बहन मानवी पटेल (8 वर्ष) अब भी लापता है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और प्रशासनिक अमला लगातार तीसरी बच्ची की तलाश में जुटा हुआ है।रविवार की सुबह परसवारा गांव की तीन बच्चियां उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में नहाने के लिए गई थीं। नहर का पानी गहरा होने के कारण तीनों बच्चियां उसमें डूबने लगीं। आस-पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तुरंत बचाया नहीं जा सका। कुछ देर बाद जब स्थानीय लोगों...

पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त, सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम

 पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त,  सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम  ढीमरखेड़ा |   "सच्चे प्रहरी, अडिग संकल्प, निर्भीक कर्म" इन शब्दों को अगर किसी एक व्यक्ति पर लागू किया जाए, तो वह हैं अवध भूषण दुबे। अपराध की दुनिया में जिनका नाम सुनते ही अपराधियों के दिल कांप उठते थे, आम जनता जिन्हें एक रक्षक के रूप में देखती थी, और जिनकी उपस्थिति मात्र से ही लोग सुरक्षित महसूस करते थे ऐसे थे ढीमरखेड़ा थाने के सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे। 01 मार्च 1982 को जब उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की सेवा में कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह व्यक्ति आने वाले चार दशकों तक अपने साहस, कर्तव्यपरायणता और निडरता के लिए बब्बर शेर के नाम से जाना जाएगा। 43 वर्षों से अधिक की सेवा के बाद, 31 मार्च 2025 को वे ढीमरखेड़ा थाने से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके किए गए कार्य और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। *अपराधियों के लिए काल "बब्बर शेर"* अपराध की दुनिया में कुछ प...

सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों

 सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों  ढीमरखेड़ा |  मुंबई जैसे बड़े महानगर में जीवन हमेशा व्यस्त और तेज़ गति से चलता है, लेकिन इसी बीच एक घटना घटी जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती किसी भी परिस्थिति में अपने दोस्त के लिए हर हद पार कर सकती है। सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी ने अपने दोस्त सौरभ मिश्रा के लिए जो किया, वह न सिर्फ दोस्ती की मिसाल बन गया, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानियत और प्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं। सौरभ मिश्रा मुंबई में थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जाता है कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी जान पर खतरा बन गया था। जैसे ही यह खबर सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के मुंबई जाने का फैसला किया। वह तुरंत हवाई जहाज से मुंबई रवाना हो गए, क्योंकि उनके लिए उनका दोस्त सबसे महत्वपूर...