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शासन से यही (घटिया) सामग्री मिलती है लेना है लो वरना वापस कर दो - जिला क्रीड़ा अधिकारी लाखों रुपयों का खेला होता है खेल की सामग्री में कटनी जिला वर्षो से ढो रहा है एक ही अधिकारी का भार

 शासन से यही (घटिया) सामग्री मिलती है लेना है लो वरना वापस कर दो - जिला क्रीड़ा अधिकारी लाखों रुपयों का खेला होता है खेल की सामग्री में कटनी जिला वर्षो से ढो रहा है एक ही अधिकारी का भार



कटनी l  ट्रिपल एंजिन की सरकार इस बात पर बेहद संतुष्ट है कि वह एक ही जिला क्रीड़ा अधिकारी का भार कई सालों से कटनी की छाती पर लादे हुए है  और उनका स्पोर्ट्स ऑफिसर घटिया से घटिया श्रेणी के खेल उपकरण कुछ खिलाडियों को बांटता है बाकी को बाय बाय कर देता है l घटिया हाकी फुटबॉल स्पोर्ट्स शू व अन्य खेल सामग्री सबकी गुणवत्ता मे एक ही ग्यारंटी होती है कि यह समान घटिया है -घटिया था -आगे भी घटिया रहेगा l वैसे इस अधिकारी को भी पूरा दोष देना व्यर्थ होगा क्योंकि सामान कि खरीदी तो संभाग स्तर यानि जबलपुर के लालची रैकेट के द्वारा खरीदे जाते हैं थोड़ी सी सामग्री बांटकर फिर शेष सामग्री वापस फर्म को लौटा दी जाती है और घटिया सामान बेचने वाली फर्म किसी पूर्व अथवा वर्तमान पहुंचे हुए खिलाड़ी की होती है जिन्हें देवतुल्य राजनेताओं का सनातन संरक्षण प्राप्त होता है l फिर भी ज़ब आवि प्रसाद जैसे कलेक्टर पदस्थ हों तो आशा की एक किरण तो बनती है कि वे आंशिक ही सही खेल जगत के हित के लिए जाँच परख तो करवा ही दें l इस समय लोक शिक्षण संचनालय मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में ग्रीष्मकालीन विभिन्न खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है l शासन की मनसा अनुसार ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित करना है जिससे कि वह जिले, प्रदेश और देश का नाम आगे चलकर रोशन करें। इस प्रशिक्षण शिविर में आवश्यक खेल उपकरणों का आवंटन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किया गया है lजिसमें निकृष्ट स्तर की गुणवत्ताहीन खेल सामग्री शालाओं के खेल प्रशिक्षकों को प्रदान की गई है । कोच द्वारा जिला खेल अधिकारी से बात करने पर उन्होंने कहा है कि हमारे पास यही प्रावधान है यदि आप असंतुष्ट हैं तो आप इन खेल सामग्री को वापस कर दीजिए। जिस पर प्रशिक्षकों ने कहा कि हम इन्हें वापस नहीं करेंगे व इन्हे आम जनता और उच्च अधिकारी को दिखाएंगे l खेल अधिकारी का कहना है  जिसे दिखाना हो दिखाएं। अब ऐसी स्थिति में जिले की प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के उच्च ऊंचाइयों पर कैसे पहुंचा जा सकता है जिनके पास चार किक मारने पर फट जाने वाला जूता दिया जाए और उसे पेले जैसा महान फुटबालर बना दिया जाए या फिर सुतली की रस्सीयों जैसी गटिंग का रैकेट देकर खिलाड़ी से कहा जाए कि वह पादुकोण - गोपीचंद जैसा शटलर बनके बताए, स्ट्रोकलेस स्टिक थमाई जाए और कोच से कहा जाए कि इसे मेजर ध्यानचंद जी से बड़ा जादूगर बनाकर दिखाओ l  यही हाल क्रिकेट का भी है डिवीजन से चीकू फल जैसी पुलपुली गेंदे दी जाती हैं और अपेक्षा की जाती है कि बालर इस रुमाली गेंद से थॉमप्शन जैसा तेज बॉउंसर फेंककर बताए l वास्विकता मे तो यह कर पाना नामुमकिन है जैसा कागजों पर अधिकारी और वितरक फर्म निकृष्ट सामग्री को विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाली सत्यापित करने का खेल प्रदर्शन कर जाते हैं l लोक शिक्षण संचनालय मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है शासन की मनसा अनुसार ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित करना जिससे कि वह जिले, प्रदेश और देश का नाम आगे चलकर रोशन करें। इस प्रशिक्षण शिविर में आवश्यक खेल उपकरणों का आवंटन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किया गया जिसमें निम्न स्तर की गुणवत्ता विहीन खेल सामग्री शालाओं के खेल प्रशिक्षकों को प्रदान की गई। जिला खेल अधिकारी से बात करने पर उन्होंने कहा कि हमारे पास यही प्रावधान है, आप इन खेल सामग्री को वापस कर दीजिए। जिस पर हमने उन्हें कहा कि हम इन्हें वापस नहीं करेंगे व इन्हे आम जनता और उच्च अधिकारी को दिखाएंगे, उन्होंने कहा जिसे दिखाना हो दिखाएं। ऐसी स्थिति में जिले की प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के उच्च ऊंचाइयों पर कैसे पहुंचा जा सकता है l

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