सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फिल्मी स्टाइल में स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के पड़वार में हुआ गोलीकांड,एक तरफा प्यार में युवक ने प्रेमिका की मां पर चलाई गोली, स्थिति नाजुक जबलपुर रेफर

 फिल्मी स्टाइल में स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के पड़वार में हुआ गोलीकांड,एक तरफा प्यार में युवक ने प्रेमिका की मां पर चलाई गोली, स्थिति नाजुक जबलपुर रेफर



कटनी। बिना शादी के प्रेमी के साथ रह रही एक नाबालिक किशोरी को,घर वापस ले जाने पहुंची उसकी मां पर बेटी के प्रेमी ने कट्टे से गोली मार दी।यह घटना रविवार सुबह लगभग 11 बजे स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पड़वार में घटित हुई।घायल महिला को पहले तो इलाज के लिए परिजन स्लीमनाबाद शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बाद में जबलपुर ले जाया गया।जहां पर उसका इलाज चल रहा है।पुलिस ने महिला का बयान दर्ज करते हुए अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पड़वार निवासी कान्हा दीक्षित, उम्र लगभग 19 वर्षीय युवक का प्रेम प्रसंग 35 वर्षीय शिल्पा राजपूत नामक महिला की नाबालिग बेटी से चल रहा था।कुछ समय से शिल्पा की बेटी अपने प्रेमी के घर पर ही रह रही थी।बताया जाता है कि कुछ दिन पहले प्रेमी युवक का एक्सीडेंट हो गया था।आज सुबह जब शिल्पा अपनी बेटी को घर वापस ले जाने के लिए उसके घर पहुंची,तो उसने प्रेमिका को वापस भेजने से इनकार कर दिया।इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ,और गुस्साए युवक ने अपनी प्रेमिका की मां शिल्पा राजपूत के ऊपर कट्टे से फायर कर दिया।गोली शिल्पा के सीने के करीब लगी है।उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने महिला  का बयान दर्ज करते हुए अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।दबंगई चर्चा का विषय सूत्र बताते हैं कि जिस युवक ने आज अपनी प्रेमिका की मां पर कट्टे से फायर किया है,वह कम उम्र का होने के बावजूद क्षेत्र में अपनी दबंगई के लिए खासा चर्चित रहता है।बताया जाता है कि उसकी गुंडागर्दी के कारण ही शिल्पा की बेटी को उसने अपने घर में रख रखा है।आज जब वह अपनी बेटी को घर वापस ले जाने आई तो उसने महिला के ऊपर कट्टे से फायर कर दिया।युवक के पास कट्टा कहां से आया यह बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

टिप्पणियाँ

popular post

नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी

 नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी ढीमरखेड़ा |  उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में तीन बच्चियों के डूबने की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। यह हादसा रविवार की सुबह हुआ जब तीनों बच्चियां नहर में नहाने गई थीं। मृतक बच्चियों की पहचान सिद्धि पटेल (12 वर्ष, कक्षा आठवीं) एवं अंशिका पटेल (14 वर्ष, कक्षा नवमी) के रूप में हुई है, जबकि सिद्धि की छोटी बहन मानवी पटेल (8 वर्ष) अब भी लापता है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और प्रशासनिक अमला लगातार तीसरी बच्ची की तलाश में जुटा हुआ है।रविवार की सुबह परसवारा गांव की तीन बच्चियां उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में नहाने के लिए गई थीं। नहर का पानी गहरा होने के कारण तीनों बच्चियां उसमें डूबने लगीं। आस-पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तुरंत बचाया नहीं जा सका। कुछ देर बाद जब स्थानीय लोगों...

पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त, सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम

 पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त,  सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम  ढीमरखेड़ा |   "सच्चे प्रहरी, अडिग संकल्प, निर्भीक कर्म" इन शब्दों को अगर किसी एक व्यक्ति पर लागू किया जाए, तो वह हैं अवध भूषण दुबे। अपराध की दुनिया में जिनका नाम सुनते ही अपराधियों के दिल कांप उठते थे, आम जनता जिन्हें एक रक्षक के रूप में देखती थी, और जिनकी उपस्थिति मात्र से ही लोग सुरक्षित महसूस करते थे ऐसे थे ढीमरखेड़ा थाने के सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे। 01 मार्च 1982 को जब उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की सेवा में कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह व्यक्ति आने वाले चार दशकों तक अपने साहस, कर्तव्यपरायणता और निडरता के लिए बब्बर शेर के नाम से जाना जाएगा। 43 वर्षों से अधिक की सेवा के बाद, 31 मार्च 2025 को वे ढीमरखेड़ा थाने से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके किए गए कार्य और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। *अपराधियों के लिए काल "बब्बर शेर"* अपराध की दुनिया में कुछ प...

सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों

 सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों  ढीमरखेड़ा |  मुंबई जैसे बड़े महानगर में जीवन हमेशा व्यस्त और तेज़ गति से चलता है, लेकिन इसी बीच एक घटना घटी जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती किसी भी परिस्थिति में अपने दोस्त के लिए हर हद पार कर सकती है। सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी ने अपने दोस्त सौरभ मिश्रा के लिए जो किया, वह न सिर्फ दोस्ती की मिसाल बन गया, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानियत और प्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं। सौरभ मिश्रा मुंबई में थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जाता है कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी जान पर खतरा बन गया था। जैसे ही यह खबर सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के मुंबई जाने का फैसला किया। वह तुरंत हवाई जहाज से मुंबई रवाना हो गए, क्योंकि उनके लिए उनका दोस्त सबसे महत्वपूर...