सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ट्रिपल पी के हीरो बल्लन तिवारी के यहाँ ई. डी. पहुंची बड़के अफसर और सफेदपोश किंचित रूप से चिंतित

 ट्रिपल पी. के. हीरो बल्लन तिवारी के यहाँ ई. डी. पहुंची

बड़के अफसर और सफेदपोश किंचित रूप से चिंतित



 कटनी l प्रशासन शासन के संरक्षण में हाई फाई आबकारी फीस का करोड़ों का घोटाला करने से लेकर साधारण जुए के अड्डे चलाने वाले ट्रिपल पी के हीरो बल्लन तिवारी के बंधी स्लीमनाबाद स्थित मकान पर सुबह ई डी की टीम ने छापा मारा है उनकी जाँच की अधिकृत जानकारी नहीं मिली है l पुलिस -पॉलिटिशियन और पत्रकार अर्थात ट्रिपल टी के हीरो के रूप में बल्लन तिवारी की ख्याति जिले से लेकर भोपाल तक है l प्रशासन और पॉलिटिशयन के आशीर्वाद की छाया में श्री तिवारी ने आबकारी ठेके में फर्जी एफ डी जमा करने और ठेका चलाने की योग्यता का परिचय दिया था l उनकी इस योग्यता के पीछे एक अवार्डेड आई. ए. एस. (कलेक्टर ) का ठोस पंजा काम कर रहा था l इस मामले के बाद श्री तिवारी ने जिले के वरिष्ठ से लेकर तहसील तक के पुलिस अफसरों की साझेदारी में बँधी और स्लीमनाबाद में जुए के अड्डों का संचालन सफलता पूर्वक किया था l श्री तिवारी का साथ जिले के प्रबुद्ध पत्रकारों ने भी दिया था और उनके समर्थक पत्रकारों की सूची का भी निर्माण इसी जुआ काल में हुआ था इस सूची से पत्रकार जगत भी पुलिस अफसरों के साथ उपकृत होता रहा था l इसी सूत्र के आधार पर उन्हें ट्रिपल पी यानि पॉलिटिशियन प्रशासन और पत्रकार जगत का पालक पिता कहकर सम्बोधित किया जाता है l इसी बीच जिले के कुछ मझले सझले पुलिस अफसरों को जलन होने लगी कि श्री तिवारी का इश्क़ बड़े अफसरों से अधिक बढ़ गया है सो उन्होंने संभाग जबलपुर के अफसरों से चुगली कर डाली और वहाँ की टीम ने ट्रिपल पी. हीरो श्री तिवारी के बंधी स्थित महल में रेड मार दी जहां जुआडी पकड़े गए मगर तिवारी भूमिगत हो गए l बल्लन के वफादार पुलिसकर्मी ने उसे भनक देकर फरार करवा दिया l उस दिन से ट्रिपल पी हीरो अज्ञातवास पर चल रहे हैं और ऐसे समय ई डी ने उनके घर पर छान बीन शुरू करके कुछ सफेदपोश हस्तियों की आन बान शान पर संकट जैसा डाल दिया है।शराब कारोबारी के घर पर ई. डी. की छापमारी के पीछे भोपाल में की गई शिकायत मानी जा रही है l बहरहाल भोपाल की ई डी टीम कागजात खगाल रही है l मौके पर पुलिस बल सहित ई डी के अधिकारी मौजूद हैं l पूर्व से ही बल्लन तिवारी का नाम पुलिस के अपराध पंजीयों की शोभा बना हुआ है l

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

popular post

नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी

 नहर में बैठा यमराज छोटे - छोटे बच्चों को बना रहा शिकार, नहर ले रही बली नर्मदा नहर उमरियापान में डूबी बच्चियां, दो की मौत, अन्य की तलाश जारी ढीमरखेड़ा |  उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में तीन बच्चियों के डूबने की दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। यह हादसा रविवार की सुबह हुआ जब तीनों बच्चियां नहर में नहाने गई थीं। मृतक बच्चियों की पहचान सिद्धि पटेल (12 वर्ष, कक्षा आठवीं) एवं अंशिका पटेल (14 वर्ष, कक्षा नवमी) के रूप में हुई है, जबकि सिद्धि की छोटी बहन मानवी पटेल (8 वर्ष) अब भी लापता है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, और प्रशासनिक अमला लगातार तीसरी बच्ची की तलाश में जुटा हुआ है।रविवार की सुबह परसवारा गांव की तीन बच्चियां उमरियापान के समीप नर्मदा नहर में नहाने के लिए गई थीं। नहर का पानी गहरा होने के कारण तीनों बच्चियां उसमें डूबने लगीं। आस-पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तुरंत बचाया नहीं जा सका। कुछ देर बाद जब स्थानीय लोगों...

सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों

 सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, दोस्ती की मिसाल, जिसने बचाई सौरभ मिश्रा की जान, मुंबई में आया सौरभ मिश्रा को अटैक अब हैं सुरक्षित, तुझे कैसे कुछ हों सकता हैं मेरे भाई तेरे ऊपर करोड़ो लोगो की दुआएं हैं काल भी उसका क्या बिगाड़े जिसकी रक्षा महाकाल करते हों  ढीमरखेड़ा |  मुंबई जैसे बड़े महानगर में जीवन हमेशा व्यस्त और तेज़ गति से चलता है, लेकिन इसी बीच एक घटना घटी जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती किसी भी परिस्थिति में अपने दोस्त के लिए हर हद पार कर सकती है। सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी ने अपने दोस्त सौरभ मिश्रा के लिए जो किया, वह न सिर्फ दोस्ती की मिसाल बन गया, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानियत और प्रेम से बड़ा कुछ भी नहीं। सौरभ मिश्रा मुंबई में थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया जाता है कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी जान पर खतरा बन गया था। जैसे ही यह खबर सिलौड़ी मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के मुंबई जाने का फैसला किया। वह तुरंत हवाई जहाज से मुंबई रवाना हो गए, क्योंकि उनके लिए उनका दोस्त सबसे महत्वपूर...

पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त, सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम

 पुलिस विभाग के बब्बर शेर, सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे का गौरवशाली पुलिस जीवन, 31 मार्च को ढीमरखेड़ा थाने से होगे सेवानिवृत्त,  सेवानिवृत्त की जानकारी सुनके आंखे हुई नम  ढीमरखेड़ा |   "सच्चे प्रहरी, अडिग संकल्प, निर्भीक कर्म" इन शब्दों को अगर किसी एक व्यक्ति पर लागू किया जाए, तो वह हैं अवध भूषण दुबे। अपराध की दुनिया में जिनका नाम सुनते ही अपराधियों के दिल कांप उठते थे, आम जनता जिन्हें एक रक्षक के रूप में देखती थी, और जिनकी उपस्थिति मात्र से ही लोग सुरक्षित महसूस करते थे ऐसे थे ढीमरखेड़ा थाने के सहायक उप निरीक्षक अवध भूषण दुबे। 01 मार्च 1982 को जब उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की सेवा में कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह व्यक्ति आने वाले चार दशकों तक अपने साहस, कर्तव्यपरायणता और निडरता के लिए बब्बर शेर के नाम से जाना जाएगा। 43 वर्षों से अधिक की सेवा के बाद, 31 मार्च 2025 को वे ढीमरखेड़ा थाने से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके किए गए कार्य और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। *अपराधियों के लिए काल "बब्बर शेर"* अपराध की दुनिया में कुछ प...