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थाने में झूठा केस बनवाने सूबेदार ने पुलिस को किया प्रभावित और नागरिक को अपमानित दबाव में पुलिस सहमत हुई कि - सूबेदार का नाबालिग रिश्तेदार चला सकता है बिना बीमा वाली गाड़ी

 थाने में झूठा केस बनवाने सूबेदार ने पुलिस को किया प्रभावित और नागरिक को अपमानित

दबाव में पुलिस सहमत हुई कि - सूबेदार का नाबालिग रिश्तेदार चला सकता है बिना बीमा वाली गाड़ी



कटनी l एस. पी. की पारखी दृष्टि में हुनरमंद उतरने वाली सूबेदार मोनिका खड़से ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर माधवनगर थाने में अपनी पदवी का रौब झाड़ते हुए अपने नाबालिग परिवारिक सदस्य के ऊपर बिना बीमा वाली बाइक की लाइसेंस ड्राइविंग करने के आरोप से बचाते हुए साधारण निर्दोष नागरिक पर एकतरफा एफ आई आर करवा दी जबकि वह बेचारा निष्पक्ष अथवा दोनों पक्ष पर केस दर्ज करने की अपील करता रहा।माधवनगर पुलिस ने पीड़ित पक्ष और उसके पारिवारिक सदस्यों को पुलिसिया अंदाज में अपमानित किया कारण यह था कि मैडम के नाबालिक परिजन की स्कूटी को सुधरवाने का एकतरफा दबाव उसके ऊपर बनाया जा रहा था जो एक्सीडेंट का दोषी नहीं था l शासकीय कार्य में हस्तक्षेप करने का जुर्म तो मैडम पर बनेगा नहीं और न ही अपना ड्यूटी पॉइंट छोड़कर दस किमी दूर जाकर नागरिक को धमकाने की क्रिया पर बड़े साहब कोई स्पष्टीकरण लेंगे क्योंकि वर्दी का खौफ भी तो बने रहना चाहिए l घटना सार यह है कि कल शाम को माधवनगर थाना क्षेत्र में एक स्कूटी चालक ने एक बाइक से गाड़ी भिड़ा दी l गलती स्कूटी चालक की थी लेकिन वह सूबेदार के परिवार का सदस्य था इसलिए बाइक सवार पर दबाव बनाया गया कि वह स्कूटी मरम्मत का पैसा भुगतान करे l बात सुलझी नहीं और दोनों माधवनगर थाने आ गए जहां पर  बाइक सवार पक्ष इस बात पर राजी हो गया कि उसके ऊपर केस बना दो लेकिन सामने वाले पर भी दर्ज करो जो बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था , नाबालिग भी है  गाड़ी का बीमा भी नहीं है l लेकिन माधवनगर पुलिस ने उसे डपट दिया कि साले जानता है ये कौन है अपनी औकात में रहकर बात कर l इस बीच जुहला यातायात चौकी प्रभारी मोनिका खड़से माधवनगर थाने आईं और उन्होंने भी रौब झाड़ना शुरू किया l  उनके रौब में यह था कि स्कूटी मरम्मत का खर्चा दे , ज्यादा बात करेगा तो तेरे खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने का केस बना देंगे l

*थाना भी मैडम के सुर में सुर मिलाने लगा*

बाइक सवार ने कहा कि दोनों पक्ष कि रिपोर्ट लिखिए मेरी रिपोर्ट भी लिखें कि बिना लाइसेंस वाले अव्यस्क चालक ने  जिस गाड़ी से एक्सीडेंट किया है उसका बीमा भी नहीं है l  लेकिन पुलिस ने उसे अश्लील सम्बोधनों से दहशत दे दी कि चल चल ये सब तू कोर्ट में बताना हम तेरे नौकर नहीं है कि जो तू कहेगा वह करेंगे l 

*जानवर की तरह डपटकर जाने का ईशारा किया पुलिस ने*

बाइक सवार के परिवार वाले भी कहने लगे कि हमारी भी रिपोर्ट लिखें तो माधवनगर पुलिस जो चौबीस घंटे पहले ही एसपी के  तनावमुक्त कार्यक्रम से ताज़ादम होकर ड्यूटी कर रही थी उसने परिवार वालों को थाने से बाहर जाने का इस तरह ईशारा किया जैसे कोई जानवरों को आँगन से भगाता है l

*प्रभाव में की गई एकतरफा कार्यवाही*

मैडम सूबेदार की आज्ञायों का अक्षरशः पालन करते हुए उनके प्रभाव में माधवनगर थाने ने एकतरफा कार्यवाही की lसारे कानूनों को मृतप्राय रखते हुए जनता को संदेश दिया कि -खाकी की मनमानी सर्वोच्च है, शाश्वत है - सनातन है l    

*अनुशानहीनता को बढ़ावा देगी अफसरशाही या पूछने का साहस करेगी*

एक्सीडेंट माधवनगर के क्षेत्राधिकार में हुआ , माधवनगर थाने को स्वतंत्र रूप से निष्पक्ष विवेचना करने का अधिकार था , दोनों पक्षो को अपनी शिकायत रखने का अधिकार था l इस बात को जानते हुए सूबेदार मैडम ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर विवेचना में हस्तक्षेप किया, एक पक्ष के साथ पक्षपात करने के लिए माधवनगर थाने पर दबाव बनाया, अपने पद का दुरूपयोग किया , ऐसे अनुशासनहीन आचरण के प्रदर्शन पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि जनता के बीच क़ानून व्यवस्था के प्रति आस्था बनी रहे l उम्मीद की जानी चाहिए की एस पी इस पर संज्ञान लेंगे  क्योंकि इस घटना के आडियो वायरल हो चुके हैं और जनता पुलिस की भूमिका को लेकर आशंकित हो उठी है l

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