खरी अखरी सवाल उठाते हैं पालकी नहीं स्वाभिमान सदैव तानाशाही से लड़ा है जब भी मरा है गर्व से मरा है क्या युद्ध की डोर ईरान के हाथ में है ? क्योंकि पूरी दुनिया की इकाॅनामी पर असर होमर्ज रूट से पड़ रहा है और होमर्ज रूट पर कब्जा ईरान का है। मिडिल ईस्ट के भीतर अमेरिकी बेस, जो सैकड़ा भर से ज्यादा हैं उनमें से अधिकतर बेस, को ईरान ने ध्वस्त कर दिया है। वेस्ट एशिया के भीतर काम कर रहे अमेरिकी कंसुलेट और एंबेस पूरी तरह से डिस्टर्ब हैं। अमेरिका अपने लोगों को सुरक्षित निकालने के अलावा ऐसा कोई भी कदम उठाने की स्थिति में नहीं आ पा रहा है जिससे लगे कि वह ईरान के भीतर रिजम चेंज करने की दिशा में कदम उठा रहा है। क्या युद्ध को लेकर वाकई ऐसी परिस्थिति आ गई है जहां ईरान के भीतर से आर्डर बहुत साफ है - इस युद्ध का मकसद ईरान, इस्लाम, खामनेई की विचारधारा, इस्लामिक देशों को साथ खड़ा करने की सोच, वेस्ट एशिया में इजराइल मौजूदगी यानी मौजूदगी के खिलाफ और अपने साथ खड़े देशों को एक स्वायत्त परिस्थिति देने की सोच। ईरान ने अगर युद्ध को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपने देश को तैयार कर लिया है तो मैसेज ना केवल अमेरिका और...