शिक्षा विभाग से ज्ञान लेकर पंचायत में बाबू बनकर करते हैं भ्रष्टाचार कटनी के जैसे ढीमरखेड़ा में भी होना चाहिए कार्यवाही कई बाबू लोकायुक्त की रडार पर कई विभाग नजर पर
शिक्षा विभाग से ज्ञान लेकर पंचायत में बाबू बनकर करते हैं भ्रष्टाचार कटनी के जैसे ढीमरखेड़ा में भी होना चाहिए कार्यवाही कई बाबू लोकायुक्त की रडार पर कई विभाग नजर पर कटनी | कटनी जिले से पिछले दस दिनों में सामने आई दो घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था के उस कड़वे सच को उजागर करती हैं, जिसे अक्सर “अपवाद” कहकर टाल दिया जाता है। पहले जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्ही.ए. सिद्दकी 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए, और उसके बाद जिला पंचायत के लेखापाल सतेंद्र सोनी 5 हजार रुपये लेते रंगे हाथों धरे गए। दोनों मामलों में कार्रवाई मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन की टीम ने की। ये घटनाएं महज दो व्यक्तियों की व्यक्तिगत लालच की कहानी नहीं हैं, बल्कि उस गहरे रोग का लक्षण हैं जो सरकारी तंत्र की नसों में फैल चुका है। *अपनों को ही लूटने की प्रवृत्ति* सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन मामलों में रिश्वत का लेन-देन किसी बाहरी ठेकेदार या आम नागरिक के साथ नहीं, बल्कि उसी सरकारी ढांचे के भीतर हुआ। जब एक निलंबित कर्मचारी को बहाल करने या उसकी फाइल आगे बढ़ाने के लिए उसी के विभाग का अधि...