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सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं

 सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं कटनी ।  कहावत है कि "होनहार बिरवान के होत चीकने पात", यानी प्रतिभा बचपन से ही अपने लक्षण दिखाने लगती है। इस कहावत को अक्षरशः सच कर दिखाया है सिमरिया के रहने वाले अमित ज्योतिषी ने।बचपन से ही अपनी कुशाग्र बुद्धि और पढ़ाई के प्रति असाधारण समर्पण के बल पर हर कक्षा में अव्वल रहने वाले अमित ज्योतिषी आज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित संस्थान आयुध निर्माणी खमरिया में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में हर्ष का माहौल है, बल्कि पूरे सिमरिया क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। *शिक्षा को समर्पित माता-पिता के संस्कारों का मिला प्रतिफल* अमित ज्योतिषी की इस शानदार सफलता के पीछे उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि और माता-पिता के कड़े संस्कारों का बहुत बड़ा योगदान है। अमित के पिता जी क्षेत्र के एक सम्मानित शिक्षक हैं, जिन्होंने जीवनभर सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारा है। वहीं, उनकी माता जी भी शिक्षा जगत स...

किसानों की समस्याओं को लेकर ढीमरखेड़ा में कांग्रेस आक्रामक, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मूंग खरीदी केंद्र बदलने, बिजली और खाद की किल्लत दूर करने की मांग

 किसानों की समस्याओं को लेकर ढीमरखेड़ा में कांग्रेस आक्रामक, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मूंग खरीदी केंद्र बदलने, बिजली और खाद की किल्लत दूर करने की मांग  ढीमरखेड़ा  |  मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले ढीमरखेड़ा विकासखंड में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। क्षेत्र के अन्नदाताओं को आ रही विभिन्न व्यावहारिक और आर्थिक दिक्कतों के निराकरण की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ढीमरखेड़ा के बैनर तले एक विशाल विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्र के किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ढीमरखेड़ा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में कृषि क्षेत्र को प्रभावित कर रही गंभीर विसंगतियों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन वाजिब मांगों पर समय रह...

नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है, पूर्वाग्रह वही देखता है जो वह देखना चाहता है, जबकि विवेक वही देखता है जो वास्तव में विद्यमान है, पद की चकाचौंध बनाम सेवा का संकल्प

 नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है, पूर्वाग्रह वही देखता है जो वह देखना चाहता है, जबकि विवेक वही देखता है जो वास्तव में विद्यमान है, पद की चकाचौंध बनाम सेवा का संकल्प कटनी  |  आज के दौर में जब सत्ता और रसूख को ही सफलता का अंतिम पैमाना मान लिया गया है, तब नेतृत्व की मूल परिभाषा कहीं धुंधली पड़ती जा रही है। हमें यह याद दिलाने की सख्त जरूरत है कि नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, यह शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है। इतिहास गवाह है कि कुर्सियों पर बैठने वाले तो कई आए और गए, लेकिन इतिहास में दर्ज सिर्फ वही हुए जिन्होंने अपने पद को 'अधिकार' नहीं, बल्कि 'कर्तव्य' समझा। *विशेषाधिकार का भ्रम और सेवा का मार्ग* अक्सर देखा जाता है कि किसी ऊंचे पद पर बैठते ही व्यक्ति एक खास तरह के विशेषाधिकार बोध से घिर जाता है। उसे लगता है कि नियम दूसरों के लिए हैं और व्यवस्था उसकी सेवा के लिए। लेकिन वास्तविक नेतृत्व इसके ठीक उलट होता है। एक सच्चा नेता व्यवस्था की सेवा करता है, न कि व्यवस्था से अपनी से...

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज

 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज कटनी |  भारतीय समाज में सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) को अमूमन सक्रिय जीवन का ठहराव मान लिया जाता है, लेकिन समकालीन परिदृश्य में यह धारणा तेजी से बदल रही है। सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी जीवनभर राष्ट्र निर्माण और शासकीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।सेवाकाल के बाद भी उनकी समस्याओं, पेंशन विसंगतियों, चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक मजबूत और एकजुट मंच की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती रही है। इसी आवश्यकता को समझते हुए, भारतीय मजदूर संघ (BMS), मध्यप्रदेश से संबद्ध सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ ने पूरे प्रदेश में अपने संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को तेज कर दिया है।इस राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय मुहिम का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए पेंशनभोगी समाज को एक सूत्र में पिरोकर उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती स...

ग्रामीणों का बड़ा खुलासा, तालाब, नाले, निर्माण सब फर्जी, करोड़ों की राशि नौकरशाही ने हड़पी बहोरीबंद जनपद सीईओ 'बिहार बाबू' दीमक की तरह चाट रहे बरही ग्राम पंचायत को, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग विकास के नाम पर कागजी बाजीगरी

 ग्रामीणों का बड़ा खुलासा, तालाब, नाले, निर्माण सब फर्जी, करोड़ों की राशि नौकरशाही ने हड़पी बहोरीबंद जनपद सीईओ 'बिहार बाबू' दीमक की तरह चाट रहे बरही ग्राम पंचायत को, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग विकास के नाम पर कागजी बाजीगरी कटनी  |  सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट जारी करती हैं। मनरेगा, पंचायती राज निधि, और 15 वें वित्त आयोग जैसी योजनाओं का उद्देश्य गांवों में पानी, सड़क, और रोजगार की व्यवस्था करना है। लेकिन जब व्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी ही भक्षक बन जाएं, तो विकास सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह जाता है। ऐसा ही एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला कटनी जिले के बहोरीबंद जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरही से सामने आया है। यहाँ के ग्रामीणों ने एक सुर में स्थानीय नौकरशाही के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बरही ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये का महाघोटाला हुआ है। धरातल पर जहां धूल उड़ रही है, वहीं सरकारी दस्तावेजों में तालाब खोदे जा चुके हैं, नालि...

ग्राम पंचायत मटवारा में भ्रष्टाचार का खेल, घटिया निर्माण में उड़ रही शासन की राशि, उपयंत्री और जनपद सीईओ पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप

  ग्राम पंचायत मटवारा में भ्रष्टाचार का खेल, घटिया निर्माण में उड़ रही शासन की राशि, उपयंत्री और जनपद सीईओ पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाली जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत मटवारा इन दिनों विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि शासकीय राशि के खुलेआम बंदरबांट और भ्रष्टाचार के खेल को लेकर सुर्खियों में है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए शासन द्वारा भेजी जा रही लाखों-करोड़ों रुपए की राशि को यहाँ भ्रष्टाचार की दीमक चाट रही है। ग्राम पंचायत मटवारा में निर्माण कार्यों में जमकर धांधली की जा रही है, जिससे शासन की जनहितैषी योजनाओं की सरेआम धज्जियां उड़ रही है।सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे खेल में ग्राम पंचायत के नुमाइंदों से लेकर जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने उपयंत्री (सब-इंजीनियर) और जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर सीधे तौर पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के वरदहस्त और 'कमीशन के फिक्स खेल' के का...

संतोष दुबे, मोहन सिंह पीसीओ , राकेश तिवारी कंप्यूटर ऑपरेटर की मनमानी चरम पर बहोरीबंद जनपद को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 संतोष दुबे, मोहन सिंह पीसीओ , राकेश तिवारी कंप्यूटर ऑपरेटर की मनमानी चरम पर बहोरीबंद जनपद को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल कटनी ।  जनपद पंचायत बहोरीबंद में कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि जनपद कार्यालय में पदस्थ संतोष दुबे, मोहन सिंह (पीसीओ) और राकेश तिवारी (कंप्यूटर ऑपरेटर) की मनमानी के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय में कई कार्य समय पर नहीं किए जाते और कर्मचारियों की कार्यशैली से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जनपद पंचायत बहोरीबंद के प्रशासनिक कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी कर्मचारी की भूमिका नियमों के विरुद्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शी...