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धारा 151 के नाम पर गरीबों पर आर्थिक प्रहार युवा जनकल्याण मोर्चा ने खोला मोर्चा, तहसीली में सौदेबाजी का गंभीर आरोप, पैसे नहीं हैं तो गरीब जा रहे जेल जिसको जहां मौका मिलता हैं लूटने में नहीं छोड़ रहा कसर

 धारा 151 के नाम पर गरीबों पर आर्थिक प्रहार युवा जनकल्याण मोर्चा ने खोला मोर्चा, तहसीली में सौदेबाजी का गंभीर आरोप, पैसे नहीं हैं तो गरीब जा रहे जेल जिसको जहां मौका मिलता हैं लूटने में नहीं छोड़ रहा कसर  कटनी । कानून की मंशा समाज में शांति व्यवस्था कायम करना और हर नागरिक को न्याय का अधिकार देना है, लेकिन जब वही कानून प्रशासनिक शिथिलता और कथित लेन-देन का जरिया बन जाए, तो सबसे बड़ा आघात समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े गरीब, मजदूर और असहाय वर्ग पर पड़ता है।कटनी जिले में इन दिनों सीआरपीसी की धारा 151 (शांति भंग करने की आशंका) और आपसी विवादों में की जा रही पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस पूरे मामले को लेकर 'युवा जनकल्याण मोर्चा' ने पुरजोर तरीके से आवाज उठाई है और पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों का आरोप है कि मामूली आपसी विवादों को सुलझाने या शांति स्थापित करने के नाम पर की जाने वाली पुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई अब गरीबों के लिए आर्थिक बोझ और प्रताड़ना का सबब बनती जा रही है। सबसे गंभीर और च...

क्षेत्र की जनता का साथी हर सुख दुःख में कदम से कदम मिलाकर चलने वाला चंद्रकांत (चंदू भाई) चौरसिया देखने में सफेद शेर ने दहाड़ा अवैध पैकारी होना चाहिए बंद, अवैध शराब पैकारियों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर महिलाओं ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, क्षेत्र की जनता ने दिया अगर चंद्रकांत (चंदू ) चौरसिया का साथ तो नशा मुक्त हो जायेगा क्षेत्र

 क्षेत्र की जनता का साथी हर सुख दुःख में कदम से कदम मिलाकर चलने वाला चंद्रकांत (चंदू भाई) चौरसिया देखने में सफेद शेर ने दहाड़ा अवैध पैकारी होना चाहिए बंद, अवैध शराब पैकारियों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर महिलाओं ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, क्षेत्र की जनता ने दिया अगर चंद्रकांत (चंदू ) चौरसिया का साथ तो नशा मुक्त हो जायेगा क्षेत्र  कटनी  |  कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के उमरियापान में अवैध शराब की बिक्री और पैकारियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर जनभागीदारी महिलाओं की मौजूदगी में नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन चंद्रकांत (चंदू भाई) चौरसिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। समूचे ग्रामीण क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों द्वारा गांव-गांव अवैध शराब की पैकारियां संचालित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की शांति व्यवस्था भंग हो रही है और महिलाओं व बेटियों को असुविधा एवं लज्जित होना पड़ रहा है। शराब पीकर वाहन चलाने पर जिस तरह कड़े कानून और जुर्माने का प्रावधान है, उसी प्रकार सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीकर उत्पात मचाने वाल...

घुघरी मस्जिद प्रबंधन विवाद पंजीयन और कथित फर्जीवाड़े के आरोपों से मचा हड़कंप

 घुघरी मस्जिद प्रबंधन विवाद पंजीयन और कथित फर्जीवाड़े के आरोपों से मचा हड़कंप कटनी | तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले घुघरी गांव में स्थित मस्जिद की प्रबंधन समिति और उसके पंजीयन को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। मस्जिद के मुख्य द्वार पर चस्पा किए गए एक संदिग्ध पत्र के बाद शुरू हुआ यह विवाद केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब इसमें उच्च प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक गलियारों तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पक्ष अब इस पूरे प्रकरण की शिकायत राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), मुख्य सचिव (Chief Secretary) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष से करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है।स्थानीय ग्रामीणों और समाज के सजग लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक एवं प्रभावशाली तत्वों के संरक्षण में गांव का सौहार्द बिगाड़ने और दो पक्षों को आपस में लड़वाने की साजिश रची जा रही है।  *मस्जिद के गेट पर चस्पा पत्र से शुरू हुआ विवाद* विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब घुघरी स्थित मस्जिद के मुख्य द्वार पर एक पत्र चस्पा पा...

नई जिम्मेदारी, नई पहचान अनिल बागरी का बढ़ा सम्मान, भाजपा संगठन में गूंजा अब उनके नाम का जयगान मेहनत, निष्ठा और सेवा से बनाई अपनी पहचान, जिला उपाध्यक्ष बनकर बढ़ाया कटनी का मान अनिल सिंह बागरी बने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कटनी के जिला उपाध्यक्ष संगठन में नई ऊर्जा का संचार, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह

 नई जिम्मेदारी, नई पहचान अनिल बागरी का बढ़ा सम्मान, भाजपा संगठन में गूंजा अब उनके नाम का जयगान मेहनत, निष्ठा और सेवा से बनाई अपनी पहचान, जिला उपाध्यक्ष बनकर बढ़ाया कटनी का मान अनिल सिंह बागरी बने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कटनी के जिला उपाध्यक्ष संगठन में नई ऊर्जा का संचार, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह कटनी |  भारतीय जनता पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से जोड़ने की दिशा में कटनी जिले में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक विस्तार किया गया है। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा, कटनी के नवीन पदाधिकारियों की आधिकारिक घोषणा की गई है, जिसमें क्षेत्र के सक्रिय, समर्पित और लोकप्रिय युवा नेता अनिल सिंह बागरी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अनिल सिंह बागरी के जिला उपाध्यक्ष बनते ही संपूर्ण कटनी जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, उनके शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों और स्थानीय लोगों का मानना है कि अनिल बागरी की इस नियुक्ति से...

अनिल बागरी बने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कटनी के जिला उपाध्यक्ष

 अनिल बागरी बने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कटनी के जिला उपाध्यक्ष कटनी ।  भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा कटनी के संगठनात्मक पदाधिकारियों की घोषणा की गई है, जिसमें अनिल सिंह बागरी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह घोषणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश महामंत्री व जबलपुर संभाग संगठन प्रभारी राहुल कोठारी, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार के निर्देशानुसार तथा संगठन जिला प्रभारी सुजीत जैन एवं जिला अध्यक्ष दीपक सोनी टंडन की सहमति व जिलाध्यक्ष उमेन्द्र कुमार अहिरवार की अनुशंसा पर की गई है। अनिल बागरी को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर संगठन के कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। समर्थकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से कटनी जिले में संगठन को मजबूती मिलेगी।

ढीमरखेड़ा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल, सनकुई का परमिट और बंद कर दिया पूरा फीडर, लाइट की समस्या से आम नागरिक परेशान

 ढीमरखेड़ा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल, सनकुई का परमिट और बंद कर दिया पूरा फीडर, लाइट की समस्या से आम नागरिक परेशान  ढीमरखेड़ा ।  बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सनकुई गांव में विद्युत लाइन पर काम करने के लिए परमिट लिया गया, लेकिन इसके साथ ही पूरे फीडर की बिजली बंद कर दी गई, जिसके कारण फीडर से जुड़े अन्य गांवों के उपभोक्ताओं को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि कार्य केवल सनकुई गांव के सीमित हिस्से में किया जा रहा था, तो क्या उस हिस्से को अलग कर बाकी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति चालू नहीं रखी जा सकती थी? यदि तकनीकी रूप से ऐसा संभव था, तो पूरे फीडर की बिजली बंद रखने का कारण क्या है वहीं ग्रामीणों का एक और महत्वपूर्ण सवाल है कि यदि वास्तव में पूरे फीडर की बिजली बंद की गई थी, तो इससे प्रभावित उपभोक्ताओं को इसकी पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई? अचानक बिजली बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले से सूचना दी जाती तो...

शब्द जब निकलते हैं तो बढ़-चढ़कर व्यक्ति तक पहुँचते हैं, इसलिए किसी की बुराई करने से पहले हमें एक बार अपने भीतर झाँकना चाहिए। दूसरों की गलतियाँ गिनाने के बजाय अपने ऊपर और अपनी गलतियों पर काम करना ही सच्ची समझदारी है क्योंकि दूसरों को बदलने से पहले स्वयं को सुधारना ही सबसे बड़ी जीत है, आत्मसुधार ही सबसे बड़ी जीत, दूसरों को बदलने से पहले स्वयं को सुधारें बुराई से पहले आत्ममंथन खुद को बदलना ही असली सफलता

 शब्द जब निकलते हैं तो बढ़-चढ़कर व्यक्ति तक पहुँचते हैं, इसलिए किसी की बुराई करने से पहले हमें एक बार अपने भीतर झाँकना चाहिए। दूसरों की गलतियाँ गिनाने के बजाय अपने ऊपर और अपनी गलतियों पर काम करना ही सच्ची समझदारी है क्योंकि दूसरों को बदलने से पहले स्वयं को सुधारना ही सबसे बड़ी जीत है, आत्मसुधार ही सबसे बड़ी जीत, दूसरों को बदलने से पहले स्वयं को सुधारें बुराई से पहले आत्ममंथन खुद को बदलना ही असली सफलता कटनी  |  मानव समाज का आधार संवाद और विचार-विमर्श पर टिका है। लेकिन आज के दौर में संवाद का एक बड़ा हिस्सा सकारात्मक चर्चाओं के बजाय दूसरों की आलोचना, कमियों को उजागर करने और बुराई करने पर केंद्रित होता जा रहा है। जब शब्द किसी के मुख से निकलते हैं, तो वे केवल आवाज़ बनकर हवा में नहीं विलीन होते; वे हवा की गति से फैलते हैं और अक्सर अपने मूल स्वरूप से कहीं अधिक बढ़ा-चढ़ाकर संबंधित व्यक्ति या समाज तक पहुँचते हैं। किसी के बारे में कही गई एक छोटी सी नकारात्मक बात जब कई जुबानों से होकर गुज़रती है, तो वह एक विशाल गप्प या विवाद का रूप ले लेती है। यही कारण है कि भारतीय दर्शन और सामाजिक मूल्य...