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खरी अखरी सवाल उठाते हैं पालकी नहीं स्वाभिमान सदैव तानाशाही से लड़ा है जब भी मरा है गर्व से मरा है

 खरी अखरी सवाल उठाते हैं पालकी नहीं स्वाभिमान सदैव तानाशाही से लड़ा है जब भी मरा है गर्व से मरा है क्या युद्ध की डोर ईरान के हाथ में है ? क्योंकि पूरी दुनिया की इकाॅनामी पर असर होमर्ज रूट से पड़ रहा है और होमर्ज रूट पर कब्जा ईरान का है। मिडिल ईस्ट के भीतर अमेरिकी बेस, जो सैकड़ा भर से ज्यादा हैं उनमें से अधिकतर बेस, को ईरान ने ध्वस्त कर दिया है। वेस्ट एशिया के भीतर काम कर रहे अमेरिकी कंसुलेट और एंबेस पूरी तरह से डिस्टर्ब हैं। अमेरिका अपने लोगों को सुरक्षित निकालने के अलावा ऐसा कोई भी कदम उठाने की स्थिति में नहीं आ पा रहा है जिससे लगे कि वह ईरान के भीतर रिजम चेंज करने की दिशा में कदम उठा रहा है। क्या युद्ध को लेकर वाकई ऐसी परिस्थिति आ गई है जहां ईरान के भीतर से आर्डर बहुत साफ है - इस युद्ध का मकसद ईरान, इस्लाम, खामनेई की विचारधारा, इस्लामिक देशों को साथ खड़ा करने की सोच, वेस्ट एशिया में इजराइल मौजूदगी यानी मौजूदगी के खिलाफ और अपने साथ खड़े देशों को एक स्वायत्त परिस्थिति देने की सोच। ईरान ने अगर युद्ध को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अपने देश को तैयार कर लिया है तो मैसेज ना केवल अमेरिका और...

रोटी की मजबूरी और बिकती इंसानियत मजदूरों की पीड़ा पर समाज की खामोशी, रोटी के लिए इस दुनिया में मजदूरों के तन बिक जाते हैं, मजदूरों के तन का जिक्र ही क्या, मुर्दों के कफ़न बिक जाते हैं

 रोटी की मजबूरी और बिकती इंसानियत मजदूरों की पीड़ा पर समाज की खामोशी, रोटी के लिए इस दुनिया में मजदूरों के तन बिक जाते हैं, मजदूरों के तन का जिक्र ही क्या, मुर्दों के कफ़न बिक जाते हैं कटनी  |   आज भी दुनिया के कई हिस्सों में मजदूर वर्ग अपनी मेहनत, पसीने और कभी - कभी अपनी गरिमा तक को बेचने के लिए मजबूर है। पेट की आग इतनी बड़ी होती है कि वह इंसान को हर तरह की कठिनाई और अपमान सहने पर मजबूर कर देती है। भारत जैसे विकासशील देश में मजदूरों का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है।शहरों की चमक-दमक, ऊंची इमारतें, सड़कें, पुल और कारखाने जिन हाथों की मेहनत से खड़े होते हैं, वही हाथ अक्सर दो वक्त की रोटी के लिए तरसते नजर आते हैं। विडंबना यह है कि जो लोग देश के विकास की नींव रखते हैं, वही लोग सबसे अधिक असुरक्षित और उपेक्षित जीवन जीते हैं।मजदूरों की सबसे बड़ी समस्या अस्थिर रोजगार और कम मजदूरी है। दिहाड़ी मजदूर सुबह काम की तलाश में घर से निकलते हैं, लेकिन यह तय नहीं होता कि शाम को उनके हाथ में मजदूरी आएगी या नहीं। कई बार उन्हें पूरे दिन की मेहनत के बाद भी उचित भुगतान नहीं मिलता। ठेकेदारी व्...

भाजपा शासन में लाड़ली बहना परेशान, नेताओं का गढ़ सिलौड़ी अपनी समस्या पर बहा रहा आंसू बस स्टैंड पर प्रसाधन न होने से महिलाएं और छात्राएं रोज हो रहीं शर्मिंदा

 भाजपा शासन में लाड़ली बहना परेशान, नेताओं का गढ़ सिलौड़ी अपनी समस्या पर बहा रहा आंसू बस स्टैंड पर प्रसाधन न होने से महिलाएं और छात्राएं रोज हो रहीं शर्मिंदा कटनी ।  एक ओर सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए बड़े-बड़े अभियान चला रही है, “लाड़ली बहना” जैसी योजनाओं का प्रचार किया जा रहा है और हर साल 8 मार्च को विश्व महिला दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। क्षेत्र के नेताओं का गढ़ कहे जाने वाले ग्राम सिलौड़ी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने महिलाओं और बालिकाओं को भारी परेशानी में डाल दिया है। ग्राम सिलौड़ी का सबसे बड़ा बस स्टैंड आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, छात्राएं और यात्री बसों का इंतजार करते हैं, लेकिन बस स्टैंड पर प्रसाधन (शौचालय) की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं और बालिकाओं को बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे या आसपास खुले में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही महिलाओं और ...

उमरियापान पुलिस ने 5 साल के मासूम को ढूंढकर परिजनों से मिलाया, महनेर में भटक गया था बच्चा, कोठी गांव का निकला निवासी, पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही प्रशंसा

 उमरियापान पुलिस ने 5 साल के मासूम को ढूंढकर परिजनों से मिलाया, महनेर में भटक गया था बच्चा, कोठी गांव का निकला निवासी, पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही प्रशंसा कटनी । पुलिस केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि जनसेवा में भी सदैव तत्पर रहती है। इसका जीवंत उदाहरण उमरिया पान पुलिस ने पेश किया है, जहां टीम ने रास्ता भटके एक 5 वर्षीय मासूम को महज कुछ घंटों के भीतर सुरक्षित ढूंढकर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। *क्या है पूरा मामला?* जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 01:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम पंचायत महनेर में एक 5 साल का बालक अकेला घूम रहा है और अपना रास्ता भूल गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेंद्र कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित संज्ञान लिया। डायल 112 की मदद से बच्चे को सुरक्षित थाने लाया गया। *प्यार और दुलार से खुला राज* थाने में अनजान चेहरों को देखकर बच्चा सहमा हुआ था। पुलिस कर्मियों ने उसे डराने के बजाय बड़े ही प्यार और आत्मीयता से पुचकारा। पुलिस के इस अ...

असफलता सिद्ध करती हैं कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ, अगर आप अपनी गलतियों से सीख लेते हैं तो गलतियां आपकी सीढ़ी हैं

 असफलता सिद्ध करती हैं कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ, अगर आप अपनी गलतियों से सीख लेते हैं तो गलतियां आपकी सीढ़ी हैं कटनी  |  आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में हर व्यक्ति सफलता प्राप्त करना चाहता है।कोई प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है, कोई व्यवसाय में नाम कमाना चाहता है तो कोई शिक्षा, खेल या कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहता है। लेकिन सफलता का रास्ता इतना आसान नहीं होता। इस रास्ते में कई बार असफलता भी मिलती है। अक्सर लोग असफलता से घबरा जाते हैं और निराश होकर अपने प्रयासों को छोड़ देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। कहा जाता है कि असफलता इस बात का संकेत है कि सफलता पाने का प्रयास अभी पूरे मन और पूरी तैयारी के साथ नहीं हुआ है। जब कोई व्यक्ति किसी लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश करता है और असफल हो जाता है, तो उसे यह समझना चाहिए कि अभी और मेहनत, समझ और धैर्य की जरूरत है। अगर वह अपनी गलतियों का विश्लेषण करे और उनसे सीख ले, तो वही गलतियां आगे चलकर उसकी सफलता की मजबूत नींव बन जाती हैं। जो व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार करता है और...

एसडीएम एवं जनपद पंचायत सीईओ ढीमरखेड़ा ने जल जीवन मिशन परियोजनाओं का किया संयुक्त निरीक्षण, आवश्यक सुधार हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश

  एसडीएम एवं जनपद पंचायत सीईओ ढीमरखेड़ा ने जल जीवन मिशन परियोजनाओं का किया संयुक्त निरीक्षण, आवश्यक सुधार हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी  |  शुक्रवार को एसडीएम निधि गोहल एवं जनपद पंचायत ढीमरखेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुवेंद्र कोरी द्वारा द्वारा संयुक्त रूप से ग्राम पंचायत बांध और सगौना में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं एवं कार्यों का औचक निरीक्षण किया। अवगत होवे कि कलेक्टर आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने ग्रीष्म काल में नागरिकों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराए जाने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं परियोजनाओं की सतत निगरानी और निरीक्षण किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।निरीक्षण के दौरान पीएचई विभाग द्वारा हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों में कमियां पाई गयी। ग्राम पंचायत बांध का सम्पवेल एवं पानी की टंकी में लीकेज पाये गये। टंकी की सुरक्षा हेतु बाउंड्री नहीं बनाई गयी। कुछ घरों में जल सप्लाई नहीं हो पा रही है। तथा नलों में टोंटी स्टेंडपोस्ट नहीं पाए गये। वहीं ग्राम पंचायत ...

मऊगंज जिले की बेटी समीक्षा द्विवेदी ने रचा इतिहास, यूपीएससी में 56 वीं रैंक पाकर कलेक्टर पद के लिए चयनित

 मऊगंज जिले की बेटी समीक्षा द्विवेदी ने रचा इतिहास, यूपीएससी में 56 वीं रैंक पाकर कलेक्टर पद के लिए चयनित कटनी । मऊगंज जिले के ग्राम डगडौवा की होनहार बेटी समीक्षा द्विवेदी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 56 वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस बड़ी सफलता से गांव सहित पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। समीक्षा द्विवेदी के पिता श्री निवास द्विवेदी हैं। साधारण परिवार से आने वाली समीक्षा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता से ग्राम डगडौवा सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल है। जैसे ही परीक्षा परिणाम की खबर गांव में पहुंची, लोगों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की।ग्रामीणों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।ग्रामीणों का कहना है कि छोटे से गांव से निकलकर समीक्षा द्विवेदी का यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में 56 वीं रैंक हासिल करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। इससे गांव और क्षेत्र के युवाओं में भी बड़े सपने देखने और...