संघर्ष से सफलता का शिखर माँ ने बर्तन गिरवी रखकर पढ़ाया, बेटे ने भारतीय सेना में लहराया परचम, सेवानिवृत्ति के बाद कटनी को बनाया नया आशियाना
संघर्ष से सफलता का शिखर माँ ने बर्तन गिरवी रखकर पढ़ाया, बेटे ने भारतीय सेना में लहराया परचम, सेवानिवृत्ति के बाद कटनी को बनाया नया आशियाना कटनी । कहते हैं कि होनहार बिरवान के होत चीकने पात और इरादे अगर फौलादी हों, तो गरीबी भी घुटने टेक देती है। इस कहावत को अक्षरशः सच कर दिखाया है भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जांबाज नंद कुमार पाण्डेय ने। एक ऐसा दौर भी था जब परिवार के पास दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज अपनी कड़ी मेहनत, अटूट देशभक्ति और माँ के त्याग के बल पर उन्होंने सफलता की वह इबारत लिखी है, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक महान प्रेरणा बन चुकी है। देश की सीमा पर अपनी शानदार और गौरवशाली सेवाएं देने के बाद, अब उन्होंने मध्य प्रदेश के कटनी शहर को अपना निवास स्थान बनाया है।उनके कटनी आगमन और उनकी जीवन यात्रा की कहानी आज हर किसी की जुबान पर है। *बचपन का वो दौर जब दो वक्त की रोटी भी थी मुहाल* नंद कुमार पाण्डेय का बचपन अभावों की उन कड़वी गहराइयों में बीता, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। उनका जन्म एक अत्यंत निर्धन परिवार में हुआ था।आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय ...