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तेज कार्रवाई का असर, रात में चोरी, दिन में गिरफ्तारी चावल चोर ढीमरखेड़ा पुलिस की गिरफ्त में, 24 घंटे में चोरी का माल बरामद

 तेज कार्रवाई का असर, रात में चोरी, दिन में गिरफ्तारी चावल चोर ढीमरखेड़ा पुलिस की गिरफ्त में, 24 घंटे में चोरी का माल बरामद कटनी  |  ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर चोरी गया माल बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर चोरी व नकबजनी के मामलों में सख्ती के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में ढीमरखेड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया । दिनांक 12/01/2026 को प्रार्थी चमन लाल पिता होलली चौधरी (70 वर्ष), निवासी ग्राम सरई, थाना ढीमरखेड़ा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पुत्र रमेश चौधरी के सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात व्यक्तियों ने रात्रि में घर में घुसकर 2 क्विंटल चावल एवं एक गैस सिलेंडर चोरी कर लिया। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 25/26 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

दियागढ़ नागिन माता धाम में श्रीमद्भागवत कथा, जनप्रतिनिधियों का लगातार आगमन

 दियागढ़ नागिन माता धाम में श्रीमद्भागवत कथा, जनप्रतिनिधियों का लगातार आगमन कटनी  |  झिन्नापिपरिया क्षेत्र के दियागढ़ में स्थित पहाड़ों के बीच विराजमान सुप्रसिद्ध नागिन माता धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल बना हुआ है। इस पावन धार्मिक आयोजन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का आगमन लगातार जारी है। श्रीमद्भागवत कथा में बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय एवं बड़वारा विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। दोनों विधायकों ने नागिन माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला बताया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों से अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी कथा में सहभागिता कर रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचकर नागिन माता के दर्शन कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर श्रद्...

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में फल-फूल रहा अवैध रेत कारोबार , जिम्मेदार विभाग बने मूकदर्शक, ग्रामीणों में आक्रोश

 प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में फल-फूल रहा अवैध रेत कारोबार , जिम्मेदार विभाग बने मूकदर्शक, ग्रामीणों में आक्रोश कटनी  |  तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम घुघरी, टोपी, शुक्ल पिपरिया, छोटा कछारगांव, घुघरा, पोड़ी खुर्द, दतला घाट, कुंदरा, आमाझाल सहित अनेकों गांवों में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार दिन-रात नदियों एवं नालों से बिना किसी वैध अनुमति के रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि पर न तो खनिज विभाग और न ही पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की उदासीनता के चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।अवैध उत्खनन के कारण नदी-नालों का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। इतना ही नहीं, रेत उत्खनन से आसपास के खेतों की मेड़ें टूट रही हैं और भू-जल स्तर पर भी प्रतिकूल ...

कर्म नहीं, ज्ञान तय करता है सफलता का वास्तविक फल

 कर्म नहीं, ज्ञान तय करता है सफलता का वास्तविक फल कटनी  |  आज की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था में यह तथ्य तेजी से उभरकर सामने आ रहा है कि केवल कठोर परिश्रम ही सफलता की गारंटी नहीं है।वास्तविक सफलता उस ज्ञान और समझ से तय होती है, जो व्यक्ति अपने कर्म को सही दिशा देने में उपयोग करता है। यदि केवल कर्म का ही फल मिलता, तो सबसे अधिक मेहनत करने वाला मजदूर, किसान या रिक्शेवाला सबसे संपन्न होता, लेकिन वास्तविकता इससे उलट है। समाज में श्रमिक वर्ग दिन-रात कठिन परिश्रम करता है, फिर भी उसकी आर्थिक स्थिति वर्षों तक नहीं बदलती।इसके विपरीत, ज्ञान, तकनीक, नियमों और अवसरों की समझ रखने वाला वर्ग कम श्रम में अधिक लाभ कमा लेता है। इससे स्पष्ट होता है कि आज के युग में ज्ञान ही कर्म को फलदायी बनाता है। बिना ज्ञान के किया गया श्रम केवल थकान देता है, जबकि ज्ञान से जुड़ा कर्म समृद्धि का मार्ग खोलता है। ज्ञान का अर्थ केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यवहारिक समझ, कौशल, बाजार और व्यवस्था की जानकारी है। यही कारण है कि आज पढ़े-लिखे युवाओं को भी रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि शिक्षा में व्यवहारिक ...

ढीमरखेड़ा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

 ढीमरखेड़ा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन ढीमरखेड़ा ।  मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के पालन में तथा अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा के प्रांगण में दिनांक 10 जनवरी 2026 को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर का संचालन न्यायाधीश पूर्वी तिवारी द्वारा किया गया । इस विधिक साक्षरता शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के लिए उचित, सुलभ एवं निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने संबंधी जागरूकता फैलाना रहा। शिविर के दौरान न्यायाधीश द्वारा उपस्थित नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाओं, लोक अदालत, मध्यस्थता, समझौता प्रक्रिया तथा कमजोर वर्गों को मिलने वाले कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निर्धन, असहाय, महिलाएं, बच्चे, वृद्धजन एवं अन्य पात्र व्यक्तियों को बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक कमजोरी के कारण न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अध...