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मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है , वह जो सोचता है वही बन जाता है,विचारों से बनती है इंसान की पहचान, सकारात्मक सोच बदल सकती है जीवन, मनुष्य अपने विचारों का प्रतिबिंब सोच ही तय करती है उसकी दिशा और दशा,जो सोचते हैं, वही बनते हैं मानव जीवन पर विचारों की ताकत का खुलासा, विचारों का चमत्कार कैसे बदलती है इंसान की तकदीर, सकारात्मक सोच से सफलता तक विशेषज्ञों ने बताया विचारों का प्रभाव

 मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है , वह जो सोचता है वही बन जाता है,विचारों से बनती है इंसान की पहचान, सकारात्मक सोच बदल सकती है जीवन, मनुष्य अपने विचारों का प्रतिबिंब सोच ही तय करती है उसकी दिशा और दशा,जो सोचते हैं, वही बनते हैं मानव जीवन पर विचारों की ताकत का खुलासा, विचारों का चमत्कार कैसे बदलती है इंसान की तकदीर, सकारात्मक सोच से सफलता तक विशेषज्ञों ने बताया विचारों का प्रभाव कटनी  |  मनुष्य के अस्तित्व का सबसे अद्भुत पहलू उसका विचार - शक्ति है । संसार के सभी जीवों में मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जिसके भीतर सोचने, समझने, कल्पना करने और स्वयं को बदलने की अद्वितीय क्षमता विद्यमान है। यही कारण है कि कहा गया है “मनुष्य अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है, वही बन जाता है।” यह कथन मात्र कोई दार्शनिक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का गहनतम सत्य है। मनुष्य का पूरा व्यक्तित्व उसका व्यवहार, उसकी आदतें, उसका भविष्य, उसका संसार सब कुछ उसकी सोच के ताने-बाने से निर्मित होता है। *विचारों का प्रत्यक्ष प्रभाव* विचार मनुष्य के जीवन का बीज हैं। जैसे बीज के स्वभाव के अनुसार...

विभागीय योजनाओं में प्रगति लाने जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक 9 दिसंबर को

 विभागीय योजनाओं में प्रगति लाने जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक 9 दिसंबर को कटनी  |  पंचायत एवं ग्रामीण विकास की विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की अध्यक्षता में मंगलवार,9 दिसंबर को अपरान्ह 2:30 बजे से आयोजित होगी। सुश्री  कौर द्वारा बैठक में मनरेगा, पंचायत (निर्माण) 15वां वित्त,मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम (एमडीएम) /शिकायत शाखा, मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), विधि शाखा एवं सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण की समीक्षा की जाएगी। आयोजित बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री, संभाग कटनी, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, जिला पंचायत के समस्त शाखा प्रभारी सहायक यंत्री,उपयंत्री, एपीओ / एएओ मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं स्वच्छ भारत मिशन के सभी विकासखंड समन्वयक, ब्लॉक मैनेजर एनआरएलएम और समस्त जनपद शिक्षा केंद्र के विकासखंड स्रोत समन्...

जिला मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर 1 दिसंबर को धूमधाम से समारोह पूर्वक मनाई जाएगी गीता जयंती, जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए निर्देश

 जिला मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर 1 दिसंबर को धूमधाम से समारोह पूर्वक मनाई जाएगी गीता जयंती, जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए निर्देश  कटनी  |  अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती के अवसर पर सोमवार,1 दिसंबर को जिला मुख्यालय और विकासखंड स्तर पर धूमधाम से समारोह पूर्वक गीता जयंती का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हर सिमरनप्रीत कौर ने समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संस्कृति विभाग मंत्रालय एवं जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी को कार्यक्रमों के सफल संचालन एवं संपूर्ण कार्रवाई हेतु ग्रामीण क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। *श्री कृष्ण मंदिरों की साफ सफाई श्रृंगार एवं रोशनी के निर्देश*  सुश्री कौर ने  गीता जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय में सभी शासकीय एवं अशासकीय श्री कृष्ण मंदिरों, न्यास, गोपालक संस्थाएं एवं अन्य संस्था...

सत्ता जब अंधी हो जाती हैं तब कानून सिर्फ़ कमजोरों पर चलता है, कटनी में रेत माफियाओं का आतंक, प्रशासनिक व्यवस्था ढेर, ग्रामीणों में तीखा आक्रोश कटनी जिला रेत माफिया के कब्जे में, प्रशासन मौन, रेत माफियाओं का तांडव, प्रशासन नाकाम, अवैध रेत खनन चरम पर, व्यवस्था लाचार, रेत माफियाओं के आगे प्रशासन बेबस, रेत माफिया बेलगाम, कानून व्यवस्था सवालों में, अवैध रेत खनन से त्रस्त कटनी, प्रशासन की खामोशी पर ग्रामीणों की नाराज़गी

 सत्ता जब अंधी हो जाती हैं तब कानून सिर्फ़ कमजोरों पर चलता है, कटनी में रेत माफियाओं का आतंक, प्रशासनिक व्यवस्था ढेर, ग्रामीणों में तीखा आक्रोश कटनी जिला रेत माफिया के कब्जे में, प्रशासन मौन, रेत माफियाओं का तांडव, प्रशासन नाकाम, अवैध रेत खनन चरम पर, व्यवस्था लाचार, रेत माफियाओं के आगे प्रशासन बेबस, रेत माफिया बेलगाम, कानून व्यवस्था सवालों में, अवैध रेत खनन से त्रस्त कटनी, प्रशासन की खामोशी पर ग्रामीणों की नाराज़गी कटनी ।  कटनी जिले में रेत का अवैध उत्खनन कोई नई बात नहीं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह समस्या भयावह रूप ले चुकी है। कानून, नियम और प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए रेत माफिया दिन-दहाड़े नदियों को छलनी कर रहे हैं। ग्रामवासियों की शिकायतें, विरोध और बार-बार की गई मांगों के बावजूद खनिज विभाग व स्थानीय प्रशासन की चुप्पी ने इस अवैध कारोबार को और हवा दी है। *टोकन के नाम पर ग्रामीणों से वसूली* ग्रामीणों के अनुसार माफिया कंपनी द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों से 2000 से 2500 रुपये प्रति ट्रॉली वसूले जा रहे हैं।टोकन की व्यवस्था लंबे समय से विवाद का विषय है, लेकिन कोई कार्र...

ब्राह्मण बेटियों पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले IAS संतोष वर्मा निलंबित, इसको होना चाहिए फांसी, IAS अधिकारी होने के बाद भी भूल गया भाषा, यूपीएससी को भी इसके उत्तीर्ण होने की करना चाहिए जांच, इसकी भाषा से फर्जी नियुक्ति की हो रही आशंका

 ब्राह्मण बेटियों पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले IAS संतोष वर्मा निलंबित, इसको होना चाहिए फांसी, IAS अधिकारी होने के बाद भी भूल गया भाषा, यूपीएससी को भी इसके उत्तीर्ण होने की करना चाहिए जांच, इसकी भाषा से फर्जी नियुक्ति की हो रही आशंका कटनी |  संतोष वर्मा, जो 2011-बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और इस समय मध्य प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में उप सचिव के पद पर तैनात थे, 22 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित एक साहित्यिक संगठनात्मक कार्यक्रम में आरक्षण प्रणाली (कास्ट-आधारित आरक्षण) पर विवादित टिप्पणी कर बैठे।मीडिया में वायरल हुए उनके बयान के अनुसार, उन्होंने कहा था कि “आरक्षण ने अपना मूल उद्देश्य पूरा कर लिया है; अब इसे एक स्थायी राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।” साथ ही उन्होंने कहा कि “आरक्षण का लाभ केवल एक व्यक्ति को मिलना चाहिए जब तक कि कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान न दे।” इस बयान में जिस तरह “ब्राह्मण बेटियों को दान” जैसा संदर्भ हुआ, उसे न सिर्फ अनुसूचित जाति / जनजाति / ओबीसी संगठनों ने, बल्कि ब्राह्मण समाज के संगठनों ने भी “सामाजिक अपमान और असं...

उमरिया जिले के बड़ेरी गांव में रेत चोरी के आरोप, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत

 उमरिया जिले के बड़ेरी गांव में रेत चोरी के आरोप, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत भोपाल  |  उमरिया जिला अंतर्गत ग्राम बड़ेरी में रेत से जुड़ी गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कथित रूप से महाकाल मिनरल्स रेत कंपनी से जुड़े कुछ लोग और उनके सहयोगी रात के अंधेरे में रेत की अवैध ढुलाई कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि क्षेत्र में आधिकारिक रूप से कोई खदान संचालित नहीं है, इसके बावजूद ट्रैक्टर और भारी वाहन पूरी रात रेत भरकर ले जाते देखे जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेत निकासी और परिवहन का यह कथित खेल लंबे समय से जारी है। शिकायत है कि रात के वक्त वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है और गांव के किनारे स्थित रास्तों का उपयोग कर रेत बाहर भेजी जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि यह पूरा मामला प्रशासन की नजरों से बचाकर किया जाता है, जिससे क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान हो रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब भी कोई व्यक्ति इस गतिविधि का विरोध करने की कोशिश करता है, तो उसे धमकियों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों ने बताया...

सिस्टम की नसों में घुलता ज़हर, फ़ाइलों में दफन सच, जब जिम्मेदार बने गुनहगार, रिश्वतखोरों का राज, पैसों की बारिश में भीगे अफसर, ईमान पर भारी पैसे की भूख, जनता परेशान और अफसर मालामाल, घूसखोरी की जड़ें गहरी कौन सी ताकतें दे रही संरक्षण, लक्षित योजनाओं में लूट वंचितों का हक़ खाया, अफसरों ने दौलत कमाई

 सिस्टम की नसों में घुलता ज़हर, फ़ाइलों में दफन सच, जब जिम्मेदार बने गुनहगार, रिश्वतखोरों का राज, पैसों की बारिश में भीगे अफसर, ईमान पर भारी पैसे की भूख, जनता परेशान और अफसर मालामाल, घूसखोरी की जड़ें गहरी कौन सी ताकतें दे रही संरक्षण, लक्षित योजनाओं में लूट वंचितों का हक़ खाया, अफसरों ने दौलत कमाई कटनी  |  देश की प्रशासनिक व्यवस्था, जिसे जनता की सेवा और कल्याण के लिए निर्मित किया गया था, आज उन्हीं लोगों की परेशानियों का कारण बनती जा रही है। कागज़ी फ़ाइलों की मोटी परतों में सच दबाकर रखने की कला, संपर्कों की चाबी से हर ताला खोलने का हुनर और पैसों की आवाज़ पर कार्रवाई की दिशा बदलने की प्रवृत्ति यही आज के सिस्टम की असली पहचान बनती जा रही है। सिस्टम की नसों में घुलता यह ज़हर केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की हत्या है। *फ़ाइलों में दफ़्न सच और भ्रष्ट तंत्र की परतें* देश भर के कार्यालयों में रोज़ाना हज़ारों फाइलें बनती, घूमती और अटकती हैं, पर इन फाइलों में वह सच दफन होता है, जो सार्वजनिक होना चाहिए। गरीबों की पात्रता सूची, योजनाओं की स्वीकृति, जमीनों की नाप-जोख, राश...